नमस्कार दोस्तों! RojgarBytes में आपका स्वागत है। यदि आप UPSSSC Lower PCS और आगामी UPSSSC Exams की तैयारी कर रहे हैं, तो कंप्यूटर सेक्शन (computer section) में अच्छे अंक प्राप्त करना सफलता के लिए बेहद आवश्यक है। आपकी इसी तैयारी को और भी धारदार बनाने के लिए, हमने पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) के गहन विश्लेषण (thorough analysis) के आधार पर एक उच्च गुणवत्ता (high-quality) वाला कंप्यूटर प्रैक्टिस सेट 03 तैयार किया है।
इस प्रैक्टिस सेट में निम्नलिखित टॉपिक्स पर आधारित कुल 15 महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल किए गए हैं
- इनपुट-आउटपुट डिवाइस (Input-Output Devices)
- Peripheral devices definition; Input Devices: Keyboard (QWERTY vs Dvorak, Mechanical vs Membrane), Mouse (Optical vs Laser, DPI), Scanner, MICR, OCR, OMR, Barcode Reader, Light Pen, Digital Pen, PDA, Microphone, Webcam, Trackball, Joystick, Touchscreen, Graphics Tablet, Digitizer, Gesture Recognition, VR Glove, Eye Tracker, RFID tags, Biometric scanners (Fingerprint, Iris), MIDI controllers; Output Devices: Monitor (CRT, LCD, LED, AMOLED), Printer Technology (Impact: Dot Matrix, Daisy Wheel, Line; Non-impact: Inkjet, Laser, Thermal), Plotter, Speaker, Projector, Braille Reader, GPS, Monitor resolutions (HD, FHD, 4K, 8K), Refresh rate vs Frame rate, Printer DPI, 3D Printers, Haptic feedback devices, Head-mounted displays; Input-Output Devices: Modem, Fax Machine, Touchscreen, Headset, Network Card, USB Hub, CD/DVD Drive, Digital Camera, ATM, Kiosk setups, Multi-function printers (MFP), Smartboards, VR Headsets with built-in tracking, Sound cards, Capture cards; DisplayPort vs HDMI; Trick topics: identifying dual devices (Touchscreen, Modem), printer types, monitor displays, Refresh rate (Hz) vs Frame rate (FPS), Ghosting on monitors, Dot matrix vs Daisy wheel mechanisms, Resolution calculation, Acoustic vs Optical mice; DPI (Dots Per Inch) - measure of print/image resolution and mouse sensitivity; PCR (Primary Charge Roller) - component that charges the drum in laser printers; PostScript - page description language used in high-quality printers.
यह सेट बिल्कुल वास्तविक परीक्षा के प्रश्न पत्र के माहौल को ध्यान में रखकर बनाया गया है। UPSSSC के नवीनतम पैटर्न के अनुसार, हर प्रश्न के लिए 5 विकल्प दिए गए हैं और यह पूरी तरह से द्विभाषी (bilingual) है। इस प्रैक्टिस सेट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विस्तृत व्याख्या (detailed explanations) है, जो आपके कॉन्सेप्ट्स को पूरी तरह से स्पष्ट कर देगी।
📌 महत्वपूर्ण सूचना एवं समय-सारणी (Important Notice & Schedule)
UPSSSC Lower PCS और आगामी परीक्षाओं के संपूर्ण Computer Syllabus को कवर करने के लिए हमने कुल 18 Practice Sets का एक विशेष प्लान तैयार किया है।
- शुरुआत और समापन (Schedule): यह प्रैक्टिस सेट सीरीज 3 अगस्त से शुरू हो चुकी है और 20 अगस्त तक नियमित रूप से चलेगी।
- लक्ष्य (Goal): चूंकि आपका UPSSSC Lower PCS का एग्जाम 23 अगस्त को होना तय है, इसलिए हम 20 अगस्त तक पूरा सिलेबस समाप्त कर देंगे। इससे आपको परीक्षा से ठीक पहले 2-3 दिन खुद से अंतिम रिवीजन करने का पर्याप्त समय मिल जाएगा।
अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए प्रतिदिन इस सीरीज (series) से जरूर जुड़ें!
लेजर प्रिंटर एक नॉन-इम्पैक्ट (Non-Impact) प्रिंटर है जो इलेक्ट्रोफोटोोग्राफी (Electrophotography) तकनीक पर काम करता है। छपाई प्रक्रिया के दौरान प्राथमिक चार्ज रोलर (Primary Charge Roller - PCR) फोटोसेंसिटिव ड्रम की सतह पर एक समान ऋणात्मक आवेश (Negative Charge) उत्पन्न करता है।
लेजर प्रिंटर के मुख्य घटकों की भूमिका निम्नलिखित है:
- प्राथमिक चार्ज रोलर (PCR): यह ड्रम को छपाई के लिए तैयार करने हेतु उस पर समान रूप से उच्च ऋणात्मक वोल्टेज आवेश लगाता है।
- लेजर डायोड (Laser Diode): यह लेजर बीम की मदद से ड्रम पर प्रकाश डालकर आवेश को हटाता है और एक अदृश्य तापीय छवि (Latent Image) बनाता है।
- ट्यूनर कार्ट्रिज (Toner Cartridge): यह सूखे चुंबकीय स्याही पाउडर (Toner) को ड्रम के आवेशित भागों पर स्थानांतरित करता है।
- फ्यूज़र यूनिट (Fuser Unit): यह अत्यधिक गर्मी और दबाव (Heat and Pressure) का उपयोग करके टोनर पाउडर को कागज पर स्थायी रूप से पिघलाकर चिपकाता है।
अतः विकल्प B सही उत्तर है。
||Moderate Q2||मॉनिटर और डिस्प्ले प्रौद्योगिकी के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:- रीफ्रेश रेट (Refresh Rate) को हर्ट्ज़ (Hz) में मापा जाता है और यह दर्शाता है कि डिस्प्ले पैनल प्रति सेकंड कितनी बार छवि को पुनः ड्रा (Redraw) करता है।
- फ्रेम रेट (Frame Rate) को एफपीएस (FPS) में मापा जाता है और यह ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (GPU) द्वारा प्रति सेकंड निष्पादित या रेंडर की गई छवियों की संख्या है।
- जब मॉनिटर का रिस्पॉन्स टाइम (Response Time) धीमा होता है, तो स्क्रीन पर तेज गति वाली छवियों के पीछे धुंधली छाप (Blurry Trail) दिखाई देती है, जिसे 'गोस्टिंग' (Ghosting) कहा जाता है।
डिस्प्ले गुणवत्ता और गेमिंग प्रदर्शन को समझने के लिए ये तीनों तकनीकी मानक अत्यंत महत्वपूर्ण हैं:
- कथन I सत्य है: रीफ्रेश रेट (Refresh Rate) मॉनिटर की हार्डवेयर क्षमता है जिसे हर्ट्ज़ (Hz) में मापते हैं (उदा. 60Hz, 144Hz, 240Hz)। यह बताता है कि स्क्रीन 1 सेकंड में कितनी बार नई छवि दिखा सकती है।
- कथन II सत्य है: फ्रेम रेट (Frame Rate) को फ्रेम्स प्रति सेकंड (FPS) में मापा जाता है। यह सीपीयू/जीपीयू द्वारा सॉफ्टवेयर के माध्यम से जनरेट किए गए फ्रेम की संख्या होती है।
- कथन III सत्य है: रिस्पॉन्स टाइम (Response Time) वह समय (मिलीसेकंड - ms में) है जो एक पिक्सल को अपना रंग बदलने (उदा. काले से सफेद) में लगता है। यदि रिस्पॉन्स टाइम धीमा हो, तो पिक्सल तुरंत रंग नहीं बदल पाते और गतिशील वस्तुओं के पीछे एक धुंधली परछाई बनती है जिसे गोस्टिंग (Ghosting) कहा जाता है।
| तकनीकी मानक | मापने की इकाई | नियंत्रित करने वाला घटक |
|---|---|---|
| रीफ्रेश रेट (Refresh Rate) | हर्ट्ज़ (Hz) | मॉनिटर (Hardware) |
| फ्रेम रेट (Frame Rate) | एफपीएस (FPS) | ग्राफिक्स कार्ड (GPU) |
| रिस्पॉन्स टाइम (Response Time) | मिलीसेकंड (ms) | मॉनिटर पिक्सल पैनल |
अतः तीनों कथन सत्य होने के कारण विकल्प D सही उत्तर है。
||Hard Q3||कंप्यूटर प्रणालियों में प्रयुक्त निम्नलिखित उपकरणों में से कौन-सा उपकरण एक 'उभयनिष्ठ इनपुट-आउटपुट उपकरण' (Dual Input-Output Device) का उदाहरण है, जो डेटा ग्रहण करने और प्रदर्शित करने दोनों कार्य कर सकता है?||प्लॉटर (Plotter)|बारकोड रीडर (Barcode Reader)|ऑप्टिकल मार्क रीडर (OMR)|बायोमेट्रिक स्कैनर (Biometric Scanner)|इनमें से कोई नहीं||E||कंप्यूटर पेरिपेरल्स को उनके कार्य के आधार पर इनपुट, आउटपुट या दोनों (Dual I/O) में वर्गीकृत किया जाता है। डुअल या उभयनिष्ठ उपकरण (Dual I/O Devices) वे होते हैं जो एक ही हार्डवेयर यूनिट के माध्यम से इनपुट लेने और आउटपुट देने दोनों में सक्षम होते हैं (उदा. टचस्क्रीन, मॉडेम, नेटवर्क इंटरफेस कार्ड, एटीएम मशीन, मल्टी-फंक्शन प्रिंटर)।
दिए गए विकल्पों का विश्लेषण:
- प्लॉटर (Plotter): यह केवल एक आउटपुट डिवाइस है जो बड़े आकार के वेक्टर ग्राफिक्स और इंजीनियरिंग आरेखों को प्रिंट करता है।
- बारकोड रीडर (Barcode Reader): यह केवल एक इनपुट डिवाइस है जो बारकोड लाइनों को स्कैन करके डिजिटल डेटा में बदलता है।
- ऑप्टिकल मार्क रीडर (OMR): यह केवल एक इनपुट डिवाइस है जो कागज पर पेन या पेंसिल के निशानों की मौजूदगी को पहचानता है।
- बायोमेट्रिक स्कैनर (Biometric Scanner): यह केवल एक इनपुट डिवाइस है जो उंगलियों या आइरिस के पैटर्न को कैप्चर करता है।
चूँकि दिए गए विकल्पों 1 से 4 में से कोई भी डुअल I/O डिवाइस नहीं है (टचस्क्रीन या मॉडेम का विकल्प नहीं है), इसलिए सही उत्तर विकल्प E (इनमें से कोई नहीं) है。
||Easy Q4||बैंकिंग क्षेत्र में चेकों के त्वरित और सटीक प्रसंस्करण (Cheque Clearance) के लिए प्रयुक्त 'MICR' (मैग्नेटिक इंक कैरेक्टर रिकग्निशन) तकनीक के संदर्भ में, चेक के निचले हिस्से पर मुद्रित 9-अंकों वाले एमआईसीआर कोड का संरचनात्मक क्रम क्या होता है?||3 अंक शहर कोड → 3 अंक बैंक कोड → 3 अंक शाखा कोड|3 अंक बैंक कोड → 3 अंक शहर कोड → 3 अंक शाखा कोड|3 अंक शाखा कोड → 3 अंक शहर कोड → 3 अंक बैंक कोड|4 अंक शहर कोड → 3 अंक बैंक कोड → 2 अंक शाखा कोड|इनमें से कोई नहीं||A||MICR (Magnetic Ink Character Recognition) एक विशेष इनपुट तकनीक है जिसमें आयरन ऑक्साइड (Iron Oxide) युक्त चुंबकीय स्याही से बने अक्षरों और अंकों को पढ़ा जाता है। चेक क्लीयरेंस में सुरक्षा और गति बढ़ाने के लिए इसका प्रयोग होता है। इसमें 'E-13B' फ़ॉन्ट का उपयोग किया जाता है।
चेक पन्नों के सबसे नीचे की पट्टी पर 9-अंकों का एमआईसीआर कोड मुद्रित होता है जिसका विभाजन निम्नलिखित प्रकार से होता है:
- प्रथम 3 अंक (शहर कोड - City Code): यह संबंधित शहर के पिन कोड के पहले 3 अंकों को दर्शाता है (उदा. दिल्ली के लिए 110)।
- मध्य 3 अंक (बैंक कोड - Bank Code): यह संबंधित बैंक की पहचान के लिए एक विशिष्ट कोड होता है (उदा. एसबीआई के लिए 002)।
- अंतिम 3 अंक (शाखा कोड - Branch Code): यह उस शहर में बैंक की विशेष शाखा (Branch) की पहचान करता है।
अतः सही संरचनात्मक क्रम विकल्प A है。
||Moderate Q5||प्रिंटर तकनीक के वर्गीकरण के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन-सा वर्ग पूरी तरह से 'इम्पैक्ट प्रिंटर' (Impact Printers) का प्रतिनिधित्व करता है, जो छपाई के दौरान रिबन पर यांत्रिक आघात (Mechanical Striking) करते हैं?||लेजर प्रिंटर, इंकजेट प्रिंटर, थर्मल प्रिंटर|डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर, लेजर प्रिंटर, डेजी व्हील प्रिंटर|थर्मल प्रिंटर, लाइन प्रिंटर, इंकजेट प्रिंटर|डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर, डेजी व्हील प्रिंटर, लाइन प्रिंटर|इनमें से कोई नहीं||D||प्रिंटरों को उनकी कार्यप्रणाली के आधार पर दो मुख्य श्रेणियों—इम्पैक्ट (Impact) और नॉन-इम्पैक्ट (Non-Impact) प्रिंटरों में विभाजित किया जाता है:
- इम्पैक्ट प्रिंटर (Impact Printers): ये वे प्रिंटर हैं जो टाइपराइटर की भांति कागज और स्याही से भीगे रिबन पर हथौड़े या पिनों से भौतिक आघात (Impact) करके प्रिंट करते हैं। ये छपाई के दौरान अत्यधिक शोर करते हैं। इनके प्रमुख उदाहरण हैं: डॉट मैट्रिक्स प्रिंटर (Dot Matrix), डेजी व्हील प्रिंटर (Daisy Wheel), और लाइन प्रिंटर (Line / Drum / Chain Printer)।
- नॉन-इम्पैक्ट प्रिंटर (Non-Impact Printers): ये बिना किसी यांत्रिक आघात के लेजर बीम, स्प्रे स्याही, या तापीय ऊर्जा का उपयोग करके प्रिंट करते हैं। इनके उदाहरण हैं: लेजर प्रिंटर (Laser), इंकजेट प्रिंटर (Inkjet), और थर्मल प्रिंटर (Thermal)।
| प्रिंटर श्रेणी | प्रिंटिंग तकनीक | उदाहरण |
|---|---|---|
| इम्पैक्ट (Impact) | यांत्रिक आघात और रिबन का उपयोग | डॉट मैट्रिक्स, डेजी व्हील, लाइन प्रिंटर |
| नॉन-इम्पैक्ट (Non-Impact) | लेजर, रासायनिक या तापीय प्रक्रिया | लेजर, इंकजेट, थर्मल प्रिंटर |
अतः पूरी तरह से इम्पैक्ट प्रिंटरों का वर्ग विकल्प D में दिया गया है。
||Moderate Q6||उच्च-गुणवत्ता वाले प्रिंटरों और प्रोफेशनल पब्लिशिंग प्रणालियों में पृष्ठ के लेआउट, फ़ॉन्ट, और ग्राफिक्स की संरचना को प्रिंटर तक सटीक रूप से संप्रेषित करने के लिए प्रयुक्त 'पोस्टस्क्रिप्ट' (PostScript) को मुख्य रूप से किस रूप में वर्गीकृत किया जाता है?||प्रिंटर का एक यांत्रिक स्पेयर पार्ट (Mechanical Component)|एक ऑप्टिकल इमेज सेंसर (Optical Image Sensor)|डिस्प्ले रिज़ॉल्यूशन मापने की मानक इकाई|एक ऑपरेटिंग सिस्टम कर्नेल (OS Kernel)|इनमें से कोई नहीं||E||पोस्टस्क्रिप्ट (PostScript) मुख्य रूप से एक पेज डिस्क्रिप्शन लैंग्वेज (Page Description Language - PDL) है, जिसे 1982 में एडोब (Adobe) कंपनी द्वारा विकसित किया गया था।
- कार्यप्रणाली: यह एक प्रोग्रामिंग भाषा की भांति कार्य करती है जो प्रिंटर को यह निर्देश देती है कि टेक्स्ट का आकार क्या होगा, रेखाएं और ग्राफिक्स कैसे खींचे जाएंगे, और इमेज पिक्सल को कागज पर कहाँ स्थापित किया जाएगा।
- उपयोग: इसका उपयोग मुख्य रूप से उच्च-स्तरीय लेजर प्रिंटरों, डेस्कटॉप पब्लिशिंग (DTP) और वैक्टर ग्राफिक्स प्रिंटिंग में किया जाता है ताकि कंप्यूटर स्क्रीन पर दिखने वाला डिज़ाइन कागज पर सटीक रूप से छपे।
गलत विकल्पों की व्याख्या:
- विकल्प 1, 2 और 4 गलत हैं क्योंकि पोस्टस्क्रिप्ट कोई भौतिक घटक, सेंसर या ऑपरेटिंग सिस्टम नहीं है।
- विकल्प 3 गलत है क्योंकि प्रिंटर रिज़ॉल्यूशन को DPI (Dots Per Inch) में मापा जाता है।
चूँकि सही उत्तर "पेज डिस्क्रिप्शन लैंग्वेज (Page Description Language)" विकल्पों 1 से 4 में शामिल नहीं है, इसलिए सही उत्तर विकल्प E (इनमें से कोई नहीं) है。
||Easy Q7||कंप्यूटर मॉनिटर और ऑडियो-वीडियो डिस्प्ले इंटरफेस के संदर्भ में, 'DisplayPort' और 'HDMI' (हाई-डेफिनिशन मल्टीमीडिया इंटरफेस) के बीच मुख्य तकनीकी अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?||डिस्प्लेपोर्ट पैकेट-आधारित (Packet-based) डेटा ट्रांसमिशन तकनीक का उपयोग करता है और मल्टी-मॉनिटर डेज़ी चेनिंग (Daisy Chaining) का समर्थन करता है, जबकि एचडीएमआई मुख्य रूप से कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए डिज़ाइन किया गया है।|एचडीएमआई केवल डिजिटल वीडियो सिग्नल स्थानांतरित कर सकता है, जबकि डिस्प्लेपोर्ट केवल एनालॉग सिग्नल स्थानांतरित कर सकता है।|डिस्प्लेपोर्ट में हमेशा 19 पिन होते हैं जबकि एचडीएमआई मानक इंटरफेस में 20 पिन होते हैं।|डिस्प्लेपोर्ट केवल ऑडियो सिग्नलों का समर्थन करता है जबकि एचडीएमआई केवल वीडियो सिग्नलों का समर्थन करता है।|इनमें से कोई नहीं||A||DisplayPort और HDMI दोनों ही डिजिटल ऑडियो और वीडियो सिग्नलों के हस्तांतरण के लिए प्रयुक्त आधुनिक डिस्प्ले इंटरफेस हैं, परंतु उनके आर्किटेक्चर में अंतर होता है:
- कथन 1 सत्य है: डिस्प्लेपोर्ट (DisplayPort) नेटवर्क पैकेट की तरह डेटा पैकेट (Packetized Data) में सिग्नल भेजता है। यह मल्टी-स्ट्रीम ट्रांसपोर्ट (MST) तकनीक का समर्थन करता है, जिससे एक ही डिस्प्लेपोर्ट से कई मॉनिटरों को एक साथ श्रृंखलाबद्ध (Daisy Chaining) करके जोड़ा जा सकता है। इसके विपरीत, HDMI मुख्य रूप से टीवी, होम थिएटर और टीवी सेटअप बॉक्स जैसे उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- पिनों की संख्या (Pins): मानक डिस्प्लेपोर्ट (Full Size) में 20 पिन होते हैं, जबकि मानक HDMI (Type A) में 19 पिन होते हैं।
- सिग्नल का प्रकार: दोनों ही डिजिटल ऑडियो और वीडियो सिग्नलों को एक साथ ले जाने में पूरी तरह सक्षम हैं।
अतः सत्य कथन विकल्प A है。
||Hard Q8||कीबोर्ड निर्माण प्रौद्योगिकी के संदर्भ में, 'मैकेनिकल कीबोर्ड' (Mechanical Keyboard) और 'मेम्ब्रेन कीबोर्ड' (Membrane Keyboard) के बीच मुख्य अंतर क्या है?||मैकेनिकल कीबोर्ड में प्रत्येक कुंजी के नीचे एक अलग भौतिक स्विच (Physical Switch) होता है, जबकि मेम्ब्रेन कीबोर्ड में एक ही रबर/सिलिकॉन शीट का उपयोग किया जाता है।|मेम्ब्रेन कीबोर्ड मैकेनिकल कीबोर्ड की तुलना में अधिक टिकाऊ होते हैं और अत्यधिक शोर उत्पन्न करते हैं।|मैकेनिकल कीबोर्ड केवल वायरलेस हो सकते हैं, जबकि मेम्ब्रेन कीबोर्ड केवल वायर्ड होते हैं।|मेम्ब्रेन कीबोर्ड का उपयोग केवल हाई-एंड गेमिंग प्रणालियों में किया जाता है।|इनमें से कोई नहीं||A||कीबोर्ड की कुंजियों के दबाव को रिकॉर्ड करने के लिए उपयोग की जाने वाली आंतरिक तकनीक के आधार पर इन्हें मुख्य रूप से मैकेनिकल और मेम्ब्रेन कीबोर्ड में विभाजित किया जाता है:
- मैकेनिकल कीबोर्ड (Mechanical Keyboard): इसमें प्रत्येक कुंजी के नीचे एक स्वतंत्र प्लास्टिक और स्प्रिंग युक्त भौतिक स्विच (Physical Key Switch, उदा. Cherry MX) होता है। कुंजी दबाने पर स्पष्ट स्पर्शनीय प्रतिक्रिया (Tactile Feedback) और 'क्लिक' की आवाज मिलती है। ये अत्यधिक टिकाऊ (5 करोड़ से अधिक स्ट्रोक्स) और गेमिंग हेतु सटीक होते हैं।
- मेम्ब्रेन कीबोर्ड (Membrane Keyboard): इसमें सभी कुंजियों के नीचे एक ही संयुक्त लचीली रबर या सिलिकॉन की शीट (Conductive Membrane) होती है। कुंजी दबाने पर रबर का डोम नीचे दबता है और सर्किट पूरा होता है। ये शांत, हल्के और सस्ते होते हैं, परंतु इनकी उम्र कम होती है।
| विशेषता | मैकेनिकल कीबोर्ड | मेम्ब्रेन कीबोर्ड |
|---|---|---|
| स्विच प्रकार | व्यक्तिगत भौतिक स्विच और स्प्रिंग | सिलिकॉन/रबर मेम्ब्रेन शीट |
| स्थायित्व (Lifespan) | अत्यधिक उच्च (50+ मिलियन क्लिक्स) | मध्यम (5-10 मिलियन क्लिक्स) |
| प्रतिक्रिया और ध्वनि | तेज 'क्लिक' ध्वनि और सटीक फीडबैक | शांत और रबर जैसी दबी हुई प्रतिक्रिया |
अतः विकल्प A सही उत्तर है。
||Moderate Q9||कंप्यूटर माउस के तकनीकी मापदंडों में 'DPI' (डॉट्स प्रति इंच) का प्राथमिक कार्य क्या है और यह माउस के प्रदर्शन को कैसे प्रभावित करता है?||यह माउस की आंतरिक बैटरी की क्षमता को दर्शाता है।|यह माउस के कर्सर की संवेदनशीलता (Sensitivity/Precision) और भौतिक गति के अनुपात को मापता है।|यह माउस के नीचे लगे ऑप्टिकल सेंसर का वजन मापता है।|यह माउस के बटनों की क्लिक करने की अधिकतम गति को मापता है।|इनमें से कोई नहीं||B||DPI (Dots Per Inch) माउस की संवेदनशीलता (Sensitivity) और परिशुद्धता (Precision) को मापने का मानक मान है। यह दर्शाता है कि माउस को सतह पर 1 इंच खिसकाने पर कंप्यूटर स्क्रीन पर कर्सर कितने पिक्सल (Pixels) की दूरी तय करता है।
- उच्च DPI (High DPI): उच्च DPI मान (उदा. 3200 या 8000 DPI) पर माउस को थोड़ा सा खिसकाने पर भी कर्सर स्क्रीन पर बहुत तेजी से और लंबी दूरी तय करता है। इसका उपयोग गेमिंग या 4K मल्टी-मॉनिटर सेटअप में किया जाता है।
- निम्न DPI (Low DPI): निम्न DPI मान (उदा. 400 या 800 DPI) पर कर्सर धीमी गति से चलता है, जिससे फोटो एडिटिंग (Photoshop) और कैड (CAD) डिज़ाइनों में सटीक नियंत्रण मिलता है।
माउस प्रौद्योगिकियों का तुलनात्मक विवरण:
- ऑप्टिकल माउस (Optical Mouse): यह सतह की गति को कैप्चर करने के लिए LED प्रकाश का उपयोग करता है।
- लेजर माउस (Laser Mouse): यह LED के बजाय इन्फ्रारेड लेजर बीम का उपयोग करता है, जिससे यह कांच जैसी पारदर्शी सतहों पर भी काम कर सकता है।
अतः विकल्प B सही उत्तर है。
||Moderate Q10||स्वचालित पहचान और डेटा संग्रह तकनीकों में 'RFID' (रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन) तकनीक पारंपरिक 'बारकोड' (Barcode) तकनीक से किस प्रकार बेहतर है?||आरएफआईडी को पढ़ने के लिए प्रत्यक्ष दृष्टि-रेखा (Line-of-Sight) की आवश्यकता नहीं होती और यह एक साथ कई टैग पढ़ सकता है, जबकि बारकोड में ऑप्टिकल स्कैनर के सामने प्रत्यक्ष दृष्टि-रेखा अनिवार्य है।|आरएफआईडी का उपयोग केवल कागज़ के स्टिकर पर ही किया जा सकता है।|बारकोड में आरएफआईडी टैग की तुलना में अधिक पुनर्गठन योग्य (Rewritable) डेटा संग्रहीत किया जा सकता है।|आरएफआईडी केवल प्रकाश तरंगों (Light Waves) का उपयोग करके कार्य करता है।|इनमें से कोई नहीं||A||वस्तुओं की पहचान और इन्वेंटरी प्रबंधन के लिए बारकोड और आरएफआईडी (RFID) दोनों का उपयोग किया जाता है, परंतु उनकी कार्यप्रणाली में अंतर होता है:
- RFID (Radio Frequency Identification): यह रेडियो तरंगों (Radio Waves) पर काम करता है। इसमें एक माइक्रोचिप और एंटीना युक्त टैग (Tag) होता है। इसे पढ़ने के लिए स्कैनर को टैग के ठीक सामने लाने यानी प्रत्यक्ष दृष्टि-रेखा (Line-of-Sight) की आवश्यकता नहीं होती। यह कपड़े, प्लास्टिक या बक्सों के भीतर से भी एक साथ सैकड़ों टैग्स को दूर से स्कैन कर सकता है।
- बारकोड (Barcode): यह काली और सफेद समानांतर पट्टियों का एक विजुअल पैटर्न होता है। इसे पढ़ने के लिए बारकोड रीडर की लेजर/रेड लाइट का सीधे बारकोड के सामने होना (Direct Line-of-Sight) अनिवार्य है, और यह एक समय में केवल एक ही बारकोड पढ़ सकता है।
| विशेषता | बारकोड (Barcode) | आरएफआईडी (RFID) |
|---|---|---|
| तकनीक | ऑप्टिकल/प्रकाश सिग्नल | रेडियो सिग्नल (Radio Waves) |
| दृष्टि-रेखा (Line of Sight) | अनिवार्य (Mandatory) | आवश्यक नहीं (Not Required) |
| स्कैनिंग क्षमता | एक समय में केवल एक | एक साथ सैकड़ों (Bulk Scan) |
| डेटा संशोधन | केवल रीड-ओनली (Read-Only) | रीड व राइट दोनों (Read/Write) |
अतः सही उत्तर विकल्प A है。
||Moderate Q11||डिस्प्ले रिज़ॉल्यूशन के संदर्भ में, 4K यूएचडी (3840 x 2160 पिक्सल) रिज़ॉल्यूशन मॉनिटर में फुल एचडी (1920 x 1080 पिक्सल) रिज़ॉल्यूशन मॉनिटर की तुलना में कुल पिक्सल की संख्या में कितना अंतर होता है?||4K रिज़ॉल्यूशन में फुल एचडी की तुलना में ठीक 2 गुना पिक्सल होते हैं।|4K रिज़ॉल्यूशन में फुल एचडी की तुलना में ठीक 4 गुना पिक्सल होते हैं।|4K रिज़ॉल्यूशन में फुल एचडी की तुलना में ठीक 8 गुना पिक्सल होते हैं।|दोनों का कुल पिक्सल काउंट समान रहता है, केवल स्क्रीन साइज बदलता है।|इनमें से कोई नहीं||B||डिस्प्ले रिज़ॉल्यूशन यह दर्शाता है कि स्क्रीन पर क्षैतिज (Horizontal) और लंबवत (Vertical) दिशा में कितने पिक्सल (Pixels) मौजूद हैं। कुल पिक्सल की संख्या दोनों का गुणनफल होती है।
- फुल एचडी (Full HD / 1080p): 1920 × 1080 = 2,073,600 पिक्सल (≈ 2.07 मेगापिक्सल)।
- 4K यूएचडी (4K Ultra HD): 3840 × 2160 = 8,294,400 पिक्सल (≈ 8.29 मेगापिक्सल)।
पिक्सल काउंट का अनुपात:
8,294,400 / 2,073,600 = 4
4K रिज़ॉल्यूशन में क्षैतिज पिक्सल (1920 से बढ़कर 3840) दोगुने होते हैं और लंबवत पिक्सल (1080 से बढ़कर 2160) भी दोगुने होते हैं। इसके परिणामस्वरूप कुल पिक्सल का क्षेत्रफल 2 × 2 = 4 गुना हो जाता है। इसलिए 4K रिज़ॉल्यूशन में अत्यंत स्पष्ट और तीक्ष्ण (Sharp) छवियां दिखाई देती हैं।
अतः विकल्प B सही उत्तर है。
||Hard Q12||आधुनिक स्मार्टफोन, टैबलेट और टचपैड में प्रयुक्त होने वाली उस टचस्क्रीन तकनीक को क्या कहा जाता है जो मानव शरीर के विद्युत चालकत्व (Electrical Conductivity) पर काम करती है और एक साथ मल्टी-टच (Multi-touch) का समर्थन करती है?||रेसिस्टिव टचस्क्रीन (Resistive Touchscreen)|ऑप्टिकल टचस्क्रीन (Optical Touchscreen)|इंफ्रारेड टचस्क्रीन (Infrared Touchscreen)|एकॉस्टिक वेव टचस्क्रीन (Acoustic Wave Touchscreen)|इनमें से कोई नहीं||E||आधुनिक टचस्क्रीन उपकरणों में इस तकनीक को कैपेसिटिव टचस्क्रीन (Capacitive Touchscreen) कहा जाता है।
- कैपेसिटिव टचस्क्रीन कार्यप्रणाली: इस स्क्रीन पर इंडियम टिन ऑक्साइड की एक पतली प्रवाहकीय परत होती है। जब मानव उंगली (जो विद्युत की सुचालक है) स्क्रीन को छूती है, तो उस बिंदु पर एक सूक्ष्म विद्युत आवेश में बदलाव (Electrostatic Field Change) होता है। इसके सेंसर तुरंत स्पर्श के स्थान को पहचान लेते हैं। यह अत्यधिक संवेदनशील होती है और पिंच-टू-ज़ूम जैसे मल्टी-टच (Multi-touch) का समर्थन करती है।
- रेसिस्टिव टचस्क्रीन (Resistive Touchscreen): इसमें दबाव (Pressure) से दो प्रवाहकीय परतों के आपस में मिलने से स्पर्श दर्ज होता है। यह स्टाइलस या दस्ताने से भी काम करती है, परंतु इसमें मल्टी-टच संभव नहीं होता (जैसे पुराने एटीएम या बजट फोन)।
चूँकि सही उत्तर "कैपेसिटिव टचस्क्रीन (Capacitive Touchscreen)" विकल्पों 1 से 4 में शामिल नहीं है, अतः सही उत्तर विकल्प E (इनमें से कोई नहीं) है。
||Easy Q13||इंजीनियरिंग आरेखन, वास्तुशिल्पीय नक्शों (Architectural Blueprints), और कैड (CAD) डिज़ाइनों को अत्यधिक शुद्धता और उच्च रिज़ॉल्यूशन से मुद्रित करने के लिए उपयोग किए जाने वाले 'प्लॉटर' (Plotter) की मुख्य विशेषता क्या है?||यह केवल पिक्सल डॉट्स (Dots) के रूप में छवियों को छापता है।|यह कंप्यूटर निर्देशों के तहत पेन या स्टाइलस के निरंतर संचलन द्वारा वेक्टर ग्राफिक्स (Vector Graphics) के रूप में रेखाएं खींचता है।|यह केवल सामान्य टेक्स्ट दस्तावेज़ों को अत्यधिक गति से छापने के लिए डिज़ाइन किया गया है।|इसमें छपाई के लिए केवल फोटोकंडक्टिव ड्रम और टोनर का उपयोग होता है।|इनमें से कोई नहीं||B||प्लॉटर (Plotter) एक विशेष प्रकार का हार्डवेयर आउटपुट डिवाइस है जिसका उपयोग सामान्य प्रिंटरों की तुलना में बड़े आकार की उच्च-गुणवत्ता वाली ड्राइंग्स, बैनर और इंजीनियरिंग ब्लूप्रिंट्स को प्रिंट करने के लिए किया जाता है।
- वेक्टर ग्राफिक्स छपाई: सामान्य प्रिंटर चित्रों को पिक्सल के डॉट्स (Raster Graphics) में बदलते हैं, जिससे ज़ूम करने पर चित्र फटने लगते हैं। इसके विपरीत, प्लॉटर वेक्टर ग्राफिक्स (Vector Graphics) का उपयोग करता है और निर्देशों के आधार पर पेन (Automated Pens/Inkjets) को भौतिक रूप से चलाकर कागज पर बिल्कुल सीधी और स्पष्ट रेखाएं खींचता है।
- प्रकार: प्लॉटर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं—ड्रम प्लॉटर (Drum Plotter) (जिसमें कागज ड्रम पर घूमता है) और फ्लैटबेड प्लॉटर (Flatbed Plotter) (जिसमें कागज एक समतल मेज पर स्थिर रहता है और पेन घूमता है)।
अतः सही उत्तर विकल्प B है。
||Moderate Q14||छवि प्रसंस्करण और इनपुट तकनीकों में 'OCR' (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) और 'OMR' (ऑप्टिकल मार्क रिकग्निशन) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:- OCR मुद्रित या हाथ से लिखे टेक्स्ट के पैटर्न को पहचानकर उसे कंप्यूटर द्वारा संपादन योग्य (Editable Text) डेटा में परिवर्तित करता है।
- OMR पूर्व-निर्धारित स्थानों पर पेंसिल या पेन के निशानों (Marks) की उपस्थिति और अनुपस्थिति को प्रकाश की परावर्तन दर द्वारा पहचानता है।
- OMR का उपयोग प्रतियोगी परीक्षाओं की ओएमआर उत्तर-पुस्तिकाओं (Answer Sheets) के त्वरित और त्रुटिरहित मूल्यांकन में व्यापक रूप से होता है।
OCR और OMR दोनों ही ऑप्टिकल इनपुट प्रौद्योगिकियां हैं, परंतु उनके उद्देश्य और कार्यप्रणाली भिन्न हैं:
- कथन I सत्य है: OCR (Optical Character Recognition) किसी स्कैन किए गए दस्तावेज़ या डिजिटल फोटो में मौजूद मुद्रित या हस्तलिखित अक्षरों के आकार और रेखाओं के पैटर्न का विश्लेषण करता है तथा उसे वर्ड/टेक्स्ट फ़ाइल में एडिट करने योग्य (Editable Unicode Text) बना देता है।
- कथन II और III सत्य हैं: OMR (Optical Mark Recognition) तकनीक अक्षरों को नहीं पढ़ती, बल्कि यह किसी विशेष कागजी फॉर्म पर पहले से तय स्थानों पर बने गोले या बक्से में काले रंग के निशान (Dark Marks) की पहचान करती है। जब प्रकाश ओएमआर शीट पर पड़ता है, तो चिह्नित भाग कम प्रकाश परावर्तित करता है। इस सिद्धांत का उपयोग बहुविकल्पीय उत्तर-पुस्तिकाओं के तेज़ और बिना मानवीय भूल के मूल्यांकन में किया जाता है।
| तकनीक | इनपुट पहचान का प्रकार | अंतिम आउटपुट |
|---|---|---|
| OCR | मुद्रित/हस्तलिखित अक्षरों के पैटर्न | संपादन योग्य डिजिटल टेक्स्ट फ़ाइल |
| OMR | पूर्व-निर्धारित स्थिति पर स्याही/पेंसिल के निशान | डेटाबेस में अंक/सत्य-असत्य परिणाम |
अतः तीनों कथन सत्य होने के कारण विकल्प D सही उत्तर है。
||Hard Q15||दृष्टिबाधित (Visually Impaired) व्यक्तियों के लिए कंप्यूटर स्क्रीन पर मौजूद टेक्स्ट सामग्री को स्पर्शीय उकेरे हुए उभरे हुए बिंदुओं (Tactile Raised Dots) के माध्यम से पढ़ने योग्य बनाने वाले विशेष आउटपुट डिवाइस को क्या कहा जाता है?||स्क्रीन रीडर सॉफ्टवेयर (Screen Reader)|रिफ्रेशेबल ब्रेल डिस्प्ले (Refreshable Braille Display)|हैप्टिक जॉयस्टिक (Haptic Joystick)|वॉइस सिंथेसाइजर (Voice Synthesizer)|इनमें से कोई नहीं||B||सहायक तकनीकों (Assistive Technologies) में विभिन्न विशेष उपकरणों का उपयोग किया जाता है:
- रिफ्रेशेबल ब्रेल डिस्प्ले (Refreshable Braille Display): यह एक भौतिक आउटपुट डिवाइस है जिसे कंप्यूटर से जोड़ा जाता है। इस उपकरण की सतह पर छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉनिक पिंस (Pins) होते हैं जो स्क्रीन पर आने वाले टेक्स्ट के अनुसार ऊपर-नीचे होकर उभरे हुए ब्रेल अक्षरों (Braille Characters) का निर्माण करते हैं। दृष्टिबाधित व्यक्ति अपनी उंगलियों से इन बिंदुओं को छूकर (Tactile Feedback) स्क्रीन पर लिखी सामग्री को पढ़ सकते हैं।
- स्क्रीन रीडर (Screen Reader): यह एक सॉफ्टवेयर (उदा. NVDA, JAWS) होता है जो स्क्रीन के टेक्स्ट को पढ़कर सुनाता है।
- वॉइस सिंथेसाइजर: यह टेक्स्ट को संश्लेषित बोली (Synthesized Speech) में बदलने वाला हार्डवेयर/सॉफ्टवेयर घटक है।
अतः विकल्प B सही उत्तर है。
||Easy- Refresh Rate is measured in Hertz (Hz) and represents how many times per second the display panel redraws the image.
- Frame Rate is measured in FPS and is the number of images rendered or executed per second by the Graphics Processing Unit (GPU).
- When a monitor's Response Time is slow, a blurry trail appears behind fast-moving images on the screen, which is called 'Ghosting'.
- OCR recognizes patterns of printed or handwritten text and converts them into computer-editable text data.
- OMR detects the presence or absence of pencil or pen marks at pre-determined locations using the reflection rate of light.
- OMR is widely used in the rapid and error-free evaluation of multiple-choice answer sheets in competitive examinations.
UPSSSC Lower PCS 2026
Computer Questions Practice Set (Topic Wise)
Practice Set - 03
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निष्कर्ष (Conclusion)
हमें उम्मीद है कि UPSSSC Lower PCS के लिए तैयार किया गया यह कंप्यूटर प्रैक्टिस सेट (Computer Practice Set) आपकी परीक्षा की तैयारी (exam preparation) में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रश्नों को हल करने के बाद, विस्तृत व्याख्या (detailed explanations) को पढ़ना न भूलें, क्योंकि असली कॉन्सेप्ट्स वहीं छिपे हैं। अपना स्कोर (score) और किसी भी प्रश्न से जुड़ा डाउट (doubt) नीचे कमेंट सेक्शन (comment section) में अथवा Telegram Group में जरूर शेयर करें।
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