नमस्कार दोस्तों! RojgarBytes में आपका स्वागत है। यदि आप UPSSSC Lower PCS और आगामी UPSSSC Exams की तैयारी कर रहे हैं, तो कंप्यूटर सेक्शन (computer section) में अच्छे अंक प्राप्त करना सफलता के लिए बेहद आवश्यक है। आपकी इसी तैयारी को और भी धारदार बनाने के लिए, हमने पिछले वर्षों के प्रश्नों (PYQs) के गहन विश्लेषण (thorough analysis) के आधार पर एक उच्च गुणवत्ता (high-quality) वाला कंप्यूटर प्रैक्टिस सेट 17 तैयार किया है।
यह सेट बिल्कुल वास्तविक परीक्षा के प्रश्न पत्र के माहौल को ध्यान में रखकर बनाया गया है। UPSSSC के नवीनतम पैटर्न के अनुसार, हर प्रश्न के लिए 5 विकल्प दिए गए हैं और यह पूरी तरह से द्विभाषी (bilingual) है। इस प्रैक्टिस सेट की सबसे बड़ी विशेषता इसकी विस्तृत व्याख्या (detailed explanations) है, जो आपके कॉन्सेप्ट्स को पूरी तरह से स्पष्ट कर देगी।
इस प्रैक्टिस सेट में निम्नलिखित टॉपिक्स पर आधारित कुल 15 महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल किए गए हैं
- विंडोज फाइल एक्सप्लोरर (Windows File Explorer)
- फाइल एक्सटेंशन और प्रारूप (File Extensions and Formats)
- मल्टीमीडिया और ग्राफिक्स (Multimedia and Graphics)
- बेसिक रन कमांड्स (Basic Run Commands)
अपनी तैयारी को मजबूत करने के लिए इस सीरीज (series) से जरूर जुड़ें!
| सूची-I (रन कमांड) | सूची-II (सिस्टम उपयोगिता) |
|---|---|
| a. ncpa.cpl | i. डिस्क विभाजन, वॉल्यूम निर्माण एवं फॉर्मेटिंग टूल (Disk Management) |
| b. diskmgmt.msc | ii. इंस्टॉल किए गए सॉफ़्टवेयर को अनइंस्टॉल/संशोधित करने हेतु (Programs and Features) |
| c. devmgmt.msc | iii. नेटवर्क एडेप्टर एवं सक्रिय नेटवर्क कनेक्शन सेटिंग्स (Network Connections) |
| d. appwiz.cpl | iv. हार्डवेयर घटकों एवं डिवाइस ड्राइवरों का प्रबंधन (Device Manager) |
विकल्प 2 (a-iii, b-i, c-iv, d-ii) सही सुमेलन है। विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम में Win + R दबाकर रन डायलॉग बॉक्स खोला जाता है, जिसके माध्यम से कंट्रोल पैनल एप्लेट्स (.cpl) और माइक्रोसॉफ्ट मैनेजमेंट कंसोल स्नैप-इन्स (.msc) को सीधे निष्पादित किया जाता है:
- ncpa.cpl (Network Connections Control Panel Applet): यह नेटवर्क कनेक्शन विंडो खोलता है जहाँ ईथरनेट, वाई-फाई एडेप्टर, आईपीवी4/आईपीवी6 सेटिंग्स और डीएनएस को कॉन्फ़िगर किया जाता है।
- diskmgmt.msc (Disk Management): यह हार्ड ड्राइव पार्टीशनिंग, नए वॉल्यूम बनाने, डिस्क को इनिशियलाइज़ करने, ड्राइव लेटर बदलने और डिस्क फॉर्मेट करने की मुख्य उपयोगिता है।
- devmgmt.msc (Device Manager): इसके द्वारा कंप्यूटर से जुड़े सभी आंतरिक और बाह्य हार्डवेयर (जैसे ग्राफ़िक्स कार्ड, यूएसबी पोर्ट, प्रिंटर) के ड्राइवरों को अपडेट, इनेबल या डिसेबल किया जाता है।
- appwiz.cpl (Application Wizard / Programs and Features): यह कंप्यूटर में संस्थापित (Installed) अनुप्रयोगों की सूची प्रदर्शित करता है और सॉफ़्टवेयर को सुरक्षित रूप से अनइंस्टॉल करने की सुविधा देता है।
| कमांड | प्रकार | कार्य विवरण |
|---|---|---|
| sysdm.cpl | Control Panel Applet | सिस्टम प्रॉपर्टीज (Computer Name, Advanced System Settings, Environment Variables) |
| services.msc | MMC Snap-in | बैकग्राउंड विंडोज़ सर्विसेज (Start, Stop, Restart Services) |
| compmgmt.msc | MMC Snap-in | कंप्यूटर मैनेजमेंट (Event Viewer, Task Scheduler, Device Manager का साझा कंसोल) |
| firewall.cpl | Control Panel Applet | विंडोज़ डिफेंडर फ़ायरवॉल सेटिंग्स |
विकल्प 4 सही उत्तर है क्योंकि TIFF (Tagged Image File Format) एक रास्टर/बिटमैप (Raster Graphics) प्रारूप है, वेक्टर नहीं।
रास्टर ग्राफिक्स बनाम वेक्टर ग्राफिक्स का तुलनात्मक विश्लेषण:
| विशेषता (Feature) | रास्टर ग्राफिक्स (Raster / Bitmap) | वेक्टर ग्राफिक्स (Vector Graphics) |
|---|---|---|
| मूल संरचना | यह ग्रिड में व्यवस्थित पिक्सल (Pixels) से बनता है। | यह गणितीय सूत्रों (Mathematical Formulas, Lines, Curves, Nodes) से बनता है। |
| स्केलिंग प्रभाव | ज़ूम या बड़ा करने पर इमेज फट जाती है (Pixelate हो जाती है) और गुणवत्ता घटती है। | किसी भी आकार में बड़ा करने पर गुणवत्ता कभी खराब नहीं होती (Resolution Independent)। |
| प्रमुख फ़ाइल प्रारूप | .jpeg, .png, .gif, .bmp, .tiff, .webp | .svg, .eps, .ai, .cdr (CorelDraw), .dxf (CAD) |
| प्राथमिक उपयोग | डिजिटल फ़ोटोग्राफ़ी, जटिल छायांकन, विस्तृत कलाकृतियाँ। | लोगो (Logos), फ़ॉन्ट्स, आइकन, तकनीकी आरेखन (Blueprints)। |
अन्य विकल्पों का विवरण:
- SVG (.svg): W3C द्वारा अनुशंसित XML-आधारित 2D वेक्टर ग्राफिक्स मानक है जो वेब पेजों पर उत्तरदायी (Responsive) आइकन और लोगो के लिए व्यापक रूप से प्रयुक्त होता है।
- EPS (.eps): उच्च गुणवत्ता वाले व्यावसायिक मुद्रण (Printing) के लिए उपयोग किया जाने वाला मानक वेक्टर प्रारूप।
- AI (.ai): एडोब इलस्ट्रेटर का मूल (Native) वेक्टर डिज़ाइन प्रारूप।
- TIFF (.tiff): यह एक गैर-संपीड़ित या हानिरहित (Lossless) रास्टर प्रारूप है जिसका उपयोग मुख्य रूप से पेशेवर फोटोग्राफी, स्कैनिंग और मेडिकल इमेजिंग में किया जाता है।
दिए गए विकल्पों में से कोई भी विकल्प सही नहीं है, अतः सही उत्तर विकल्प 5 (इनमें से कोई नहीं) है।
विंडोज़ में फाइल एक्सप्लोरर (File Explorer / Windows Explorer) को खोलने का सही डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड शॉर्टकट Windows Key + E है।
विकल्पों में दिए गए अन्य विंडोज़ शॉर्टकट्स का वास्तविक कार्य:
- Windows Key + F: विंडोज़ 'फ़ीडबैक हब' (Feedback Hub) खोलता है।
- Windows Key + R: 'रन' (Run) डायलॉग बॉक्स खोलता है जहाँ से किसी भी प्रोग्राम या टूल को सीधे खोला जा सकता है।
- Windows Key + D: सभी खुली हुई विंडो को न्यूनतम (Minimize) करके सीधे 'डेस्कटॉप' (Show Desktop) प्रदर्शित करता है।
- Windows Key + X: स्क्रीन के निचले बाएँ कोने में 'क्विक लिंक मेनू' / पावर यूजर मेनू (Power User Menu) खोलता है।
फाइल एक्सप्लोरर संबंधी अन्य महत्वपूर्ण शॉर्टकट्स:
- Ctrl + Shift + N: सक्रिय फ़ोल्डर में नया फ़ोल्डर (New Folder) बनाता है।
- Alt + P: फाइल एक्सप्लोरर में 'प्रीव्यू पेन' (Preview Pane) को चालू या बंद करता है।
- Alt + Enter: चयनित फ़ाइल या फ़ोल्डर का 'Properties' डायलॉग बॉक्स खोलता है।
- F2: चयनित फ़ाइल या फ़ोल्डर का नाम बदलने (Rename) की शॉर्टकट कुंजी है।
- FAT32 फाइल सिस्टम में किसी भी एकल फ़ाइल (Single File) का अधिकतम आकार 4 GB (गिगाबाइट) से अधिक नहीं हो सकता।
- NTFS (New Technology File System) में व्यक्तिगत फ़ाइलों और फ़ोल्डरों पर एक्सेस अनुमतियाँ (Access Control Lists - ACLs) और एन्क्रिप्शन (EFS) लागू करने की सुविधा होती है।
- exFAT (Extended File Allocation Table) को विशेष रूप से USB फ्लैश ड्राइव और SD कार्ड्स के लिए 4 GB से बड़ी फ़ाइलों को संग्रहीत करने तथा विंडोज़ और macOS के बीच क्रॉस-प्लेटफ़ॉर्म संगतता हेतु विकसित किया गया है।
उपर्युक्त तीनों कथन (I, II और III) तकनीकी रूप से सत्य हैं, अतः विकल्प 4 (I, II और III) सही उत्तर है।
- कथन I सत्य है: FAT32 (32-बिट फ़ाइल आवंटन तालिका) आर्किटेक्चर में फ़ाइल आकार फ़ील्ड 32 बिट्स की होती है, जिसके कारण इसमें गणितीय रूप से 232 - 1 बाइट्स अर्थात् अधिकतम 4 GB (वास्तव में 4,294,967,295 बाइट्स) की एकल फ़ाइल ही सहेजी जा सकती है।
- कथन II सत्य है: NTFS को माइक्रोसॉफ्ट द्वारा विंडोज़ NT के साथ पेश किया गया था। यह उन्नत सुविधाएँ प्रदान करता है जैसे– जर्नलिंग (Journaling - क्रैश के बाद डेटा रिकवरी), EFS (Encrypting File System), फ़ाइल कंप्रेशन, डिस्क कोटा (Disk Quotas), और बारीक सुरक्षा अनुमतियाँ (Read, Write, Execute per user)।
- कथन III सत्य है: exFAT को 2006 में माइक्रोसॉफ्ट ने FAT32 की सीमाओं को दूर करने के लिए पेश किया था। इसमें फ़ाइल आकार की सीमा व्यावहारिक रूप से असीमित (16 Exabytes) है और यह आधुनिक कैमरों के SDXC कार्ड्स और पेन ड्राइव के लिए डिफ़ॉल्ट मानक है।
| विशेषता | FAT32 | NTFS | exFAT |
|---|---|---|---|
| अधिकतम एकल फ़ाइल आकार | 4 GB | 16 TB (व्यावहारिक) | 16 EB (Exabytes) |
| अधिकतम वॉल्यूम/पार्टीशन आकार | 2 TB (मानक) / 8 TB | 8 PB (Petabytes) | 128 PB |
| सुरक्षा एवं अनुमतियाँ | अनुपलब्ध | स्थानीय सुरक्षा अनुमतियाँ (ACLs) | अनुपलब्ध |
| मुख्य उपयोग | पुराने उपकरण, BIOS बूट ड्राइव | विंडोज़ इंटरनल हार्ड ड्राइव / OS | पेन ड्राइव, SD कार्ड, Mac-PC साझा ड्राइव |
विकल्प 2 सही है। डिजिटल वीडियो कम्प्रेशन में 'आई-फ्रेम' (Intra-coded Frame या Keyframe) एक पूर्ण, आत्मनिर्भर फ्रेम होता है जो किसी अन्य फ्रेम पर निर्भर किए बिना पूरी छवि को संग्रहीत करता है।
GOP (Group of Pictures) में वीडियो फ्रेम के तीन मुख्य प्रकार:
- 1. आई-फ्रेम (Intra-coded Frame / I-Frame): यह JPEG छवि की तरह पूरी तरह से स्टैंडअलोन संपीड़ित फ्रेम होता है। इसमें सबसे कम कम्प्रेशन होता है (फ़ाइल आकार सबसे बड़ा होता है), परंतु यह वीडियो को फॉरवर्ड/रिवाइंड करते समय रैंडम सीकिंग (Random Seeking) और वीडियो एडिटिंग का आधार बिंदु बनता है।
- 2. पी-फ्रेम (Predicted Frame / P-Frame): यह पिछले I-फ्रेम या पिछले P-फ्रेम के संदर्भ में केवल उन परिवर्तनों (Motion Vectors & Residuals) को संग्रहीत करता है जो दृश्य में बदले हैं। यह I-फ्रेम की तुलना में काफी कम डेटा लेता है।
- 3. बी-फ्रेम (Bi-directional Predictive Frame / B-Frame): यह कम्प्रेशन में सबसे कुशल फ्रेम है जो पिछले और आने वाले (भविष्य के) दोनों संदर्भ फ़्रेमों (Past & Future Reference Frames) का उपयोग करके अंतर की गणना करता है। इसका डेटा आकार सबसे छोटा होता है, जिससे अधिकतम कम्प्रेशन अनुपात प्राप्त होता है।
अतिरिक्त तकनीकी तथ्य:
- स्पैशियल कम्प्रेशन (Spatial Compression): एक ही फ्रेम के भीतर गैर-ज़रूरी डेटा को कम करना (I-फ्रेम द्वारा प्रयुक्त)।
- टेम्पोरल कम्प्रेशन (Temporal Compression): समय के साथ लगातार आने वाले फ़्रेमों के बीच समानता का उपयोग करके डेटा कम करना (P और B फ़्रेम द्वारा प्रयुक्त)।
विकल्प 1 सही है। dxdiag (DirectX Diagnostic Tool) विंडोज़ का एक शक्तिशाली डायग्नोस्टिक टूल है।
- dxdiag का उद्देश्य: यह कंप्यूटर के सिस्टम विनिर्देशों (Processor, RAM, OS Build), ग्राफिक्स कार्ड (GPU मॉडल, VRAM, ड्राइवर संस्करण), डिस्प्ले मोड, और डायरेक्टएक्स (DirectX) API के कार्यशील स्तर की विस्तृत रिपोर्ट प्रदान करता है। गेमिंग, मल्टीमीडिया ट्रबलशूटिंग और हार्डवेयर सत्यापन के लिए इसका व्यापक उपयोग होता है।
अन्य विकल्पों का विस्तृत विवरण:
- msconfig (System Configuration): इसका उपयोग विंडोज़ स्टार्टअप प्रकार (Normal, Diagnostic, Selective Startup), बूट ऑप्शंस (Safe Boot), और सिस्टम कॉन्फ़िगरेशन को प्रबंधित करने के लिए किया जाता है।
- cleanmgr (Disk Cleanup): यह हार्ड डिस्क से अस्थायी फ़ाइलें (Temporary files), रीसायकल बिन सामग्री, और कैशे डेटा को हटाकर डिस्क स्पेस खाली करने वाला आधिकारिक क्लीनर टूल है।
- chkdsk (Check Disk): यह कमांड-लाइन यूटिलिटी है जो हार्ड ड्राइव के फ़ाइल सिस्टम की अखंडता की जाँच करती है और तार्किक फ़ाइल त्रुटियों व बैड सेक्टर्स (Bad Sectors) को ठीक करती है।
अभिकथन (A): विंडोज़ फाइल एक्सप्लोरर में किसी फ़ाइल का 'रीड-ओनली' (Read-Only) एट्रिब्यूट सेट करने से वह फ़ाइल आकस्मिक संशोधन (Modification) और ओवरराइटिंग से सुरक्षित हो जाती है।
कारण (R): 'रीड-ओनली' एट्रिब्यूट सक्रिय होने पर कोई भी एप्लिकेशन उस फ़ाइल की सामग्री को केवल पढ़ (Read) सकती है, परंतु उपयोगकर्ता द्वारा उसी मूल फ़ाइल में सीधे किए गए परिवर्तनों को सहेजने (Save) की अनुमति नहीं देती।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए:||अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।|अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।|अभिकथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।|अभिकथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।|इनमें से कोई नहीं||A||
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R), अभिकथन (A) का सही और तार्किक स्पष्टीकरण देता है।
- फ़ाइल एट्रिब्यूट्स (File Attributes): विंडोज़ फ़ाइल सिस्टम में प्रत्येक फ़ाइल और फ़ोल्डर के साथ कुछ मेटाडेटा फ्लैग जुड़े होते हैं जो यह निर्धारित करते हैं कि ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लिकेशन उस फ़ाइल के साथ कैसा व्यवहार करेंगे।
- रीड-ओनली (Read-Only / R): जब किसी फ़ाइल को 'Read-only' चिह्नित किया जाता है, तो ऑपरेटिंग सिस्टम फ़ाइल में सीधे संपादन और परिवर्तन सहेजने पर रोक लगा देता है। यदि कोई उपयोगकर्ता टेक्स्ट एडिटर (जैसे Notepad) में इसे संपादित कर Save दबाएगा, तो सिस्टम उसे मूल फ़ाइल में बदलाव करने से रोक देगा और "Save As" डायलॉग खोलकर नए नाम से सहेजने को कहेगा। इससे मूल फ़ाइल ओवरराइट होने से बच जाती है।
विंडोज़ के 4 बुनियादी फ़ाइल एट्रिब्यूट्स:
- Read-Only (R): फ़ाइल को केवल पढ़ा जा सकता है, सीधे संशोधित नहीं किया जा सकता।
- Hidden (H): फ़ाइल को फाइल एक्सप्लोरर के सामान्य दृश्य से छिपा देता है (जब तक 'Show hidden files' चालू न हो)।
- System (S): यह ऑपरेटिंग सिस्टम की कोर क्रिटिकल फ़ाइल को इंगित करता है, जिसे डिलीट करने से सिस्टम अस्थिर हो सकता है।
- Archive (A): बैकअप सॉफ्टवेयर को यह बताता है कि फ़ाइल में अंतिम बैकअप के बाद संशोधन किया गया है और इसे बैकअप लेने की आवश्यकता है।
- FLAC (Free Lossless Audio Codec) और WAV (Waveform Audio File Format) हानिरहित (Lossless) ऑडियो प्रारूप हैं जो मूल ध्वनि की शत-प्रतिशत गुणवत्ता बनाए रखते हैं।
- MP3 (MPEG-1 Audio Layer III) और AAC (Advanced Audio Coding) हानियुक्त (Lossy) कम्प्रेशन तकनीक का उपयोग करते हैं जो मानव कान द्वारा न सुनी जा सकने वाली ध्वनि आवृत्तियों (Psychoacoustics) को हटाकर फ़ाइल आकार को 75% से 90% तक कम कर देते हैं।
- MIDI (Musical Instrument Digital Interface) फ़ाइल वास्तविक रिकॉर्ड की गई ध्वनि तरंगों (Audio Waveforms) को संग्रहीत नहीं करती, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक वाद्य यंत्रों के डिजिटल निर्देश (जैसे नोट्स, पिच, वॉल्यूम, टेम्पो) संग्रहीत करती है।
उपर्युक्त तीनों कथन (I, II और III) तकनीकी रूप से सत्य हैं, अतः विकल्प 4 (I, II और III) सही उत्तर है।
- कथन I सत्य है: हानिरहित (Lossless) प्रारूप जैसे FLAC, ALAC (Apple Lossless), और WAV बिना किसी ऑडियो डेटा को नष्ट किए ध्वनि को संग्रहीत करते हैं। WAV अनकंप्रेस्ड PCM (Pulse Code Modulation) प्रारूप है जिसका उपयोग ऑडियो रिकॉर्डिंग और स्टूडियो प्रोडक्शन में मास्टर कॉपी हेतु किया जाता है।
- कथन II सत्य है: MP3 और AAC हानियुक्त (Lossy) कोडेक्स हैं। ये 'साइकोअकॉस्टिक्स' (Psychoacoustics) मॉडल पर कार्य करते हैं, जिसके तहत मानव श्रवण क्षमता (20 Hz – 20,000 Hz) से परे या बहुत तेज ध्वनियों के पीछे दबी हुई सूक्ष्म ध्वनियों को हटा दिया जाता है, जिससे फ़ाइल का आकार अत्यंत छोटा हो जाता है और इंटरनेट स्ट्रीमिंग आसान हो जाती है।
- कथन III सत्य है: .mid या .midi फ़ाइल कोई ऑडियो क्लिप नहीं होती, बल्कि यह एक डिजिटल शीट संगीत (Sheet Music) की तरह है जो सिंथेसाइज़र को यह बताती है कि कौन-सा वाद्य यंत्र किस समय, कितनी देर और किस पिच पर बजाना है। इसलिए एक पूरी सिम्फनी की MIDI फ़ाइल मात्र कुछ किलोबाइट्स (KB) की होती है।
| ऑडियो प्रारूप | कम्प्रेशन प्रकार | मुख्य विशेषता | फ़ाइल आकार |
|---|---|---|---|
| WAV | Uncompressed (Lossless) | स्टूडियो गुणवत्ता, कोई कम्प्रेशन नहीं | बहुत बड़ा (~10 MB/मिनट) |
| FLAC | Compressed Lossless | गुणवत्ता से समझौता किए बिना 50% कम्प्रेशन | मध्यम (~5 MB/मिनट) |
| MP3 / AAC | Lossy Compression | सार्वभौमिक संगतता, उत्कृष्ट स्ट्रीमिंग प्रारूप | छोटा (~1 MB/मिनट) |
| MIDI | Digital Instructions | केवल संगीत संबंधी नियंत्रण डेटा (No waveform) | अति-सूक्ष्म (~10-50 KB) |
विकल्प 2 सही है। विंडोज़ में regedit (या regedt32) रन कमांड निष्पादित करने पर 'रजिस्ट्री एडिटर' (Registry Editor) विंडो खुलती है।
- विंडोज़ रजिस्ट्री (Windows Registry): यह विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और संवेदनशील डेटाबेस है जिसमें पूरे ओएस, कर्नल, हार्डवेयर घटकों, उपयोगकर्ता प्राथमिकताओं और इंस्टॉल किए गए सभी एप्लिकेशनों की कॉन्फ़िगरेशन सेटिंग्स संग्रहीत होती हैं।
रजिस्ट्री के 5 मुख्य रूट कीज़ (Root Keys / Hives):
- HKEY_CLASSES_ROOT (HKCR): फ़ाइल एक्सटेंशन एसोसिएशन और OLE/COM ऑब्जेक्ट्स की जानकारी।
- HKEY_CURRENT_USER (HKCU): वर्तमान में लॉग-इन उपयोगकर्ता की डेस्कटॉप, थीम और सॉफ़्टवेयर सेटिंग्स।
- HKEY_LOCAL_MACHINE (HKLM): पूरे कंप्यूटर सिस्टम के हार्डवेयर, ओएस कोर और सभी उपयोगकर्ताओं पर लागू वैश्विक सेटिंग्स।
- HKEY_USERS (HKU): सिस्टम के सभी सक्रिय उपयोगकर्ता प्रोफाइलों का डेटा।
- HKEY_CURRENT_CONFIG (HKCC): सिस्टम स्टार्टअप पर प्रयुक्त वर्तमान हार्डवेयर प्रोफाइल।
अन्य विकल्पों का विवरण:
- gpedit.msc: ग्रुप पॉलिसी एडिटर (Group Policy Editor) खोलता है।
- secpol.msc: स्थानीय सुरक्षा नीति (Local Security Policy) सेटिंग्स खोलता है।
- services.msc: बैकग्राउंड सर्विसेज कंसोल खोलता है।
दिए गए विकल्पों में से कोई भी विकल्प सही नहीं है, अतः सही उत्तर विकल्प 5 (इनमें से कोई नहीं) है।
विंडोज़ फाइल एक्सप्लोरर के 'क्विक एक्सेस' (Quick Access / Home) अनुभाग में डिफ़ॉल्ट रूप से निम्नलिखित दो प्रमुख घटक प्रदर्शित होते हैं:
- अक्सर उपयोग किए जाने वाले फ़ोल्डर्स (Frequently used folders): जैसे Desktop, Downloads, Documents, Pictures और उपयोगकर्ता द्वारा मैन्युअल रूप से पिन (Pin to Quick Access) किए गए फ़ोल्डर।
- हाल ही में खोली गई फ़ाइलें (Recent files): वे दस्तावेज़, चित्र और मीडिया फ़ाइलें जिन्हें उपयोगकर्ता ने हाल ही में एक्सेस या एडिट किया है।
क्विक एक्सेस संबंधी महत्वपूर्ण तथ्य:
- फ़ोल्डर पिन करना: उपयोगकर्ता किसी भी महत्वपूर्ण फ़ोल्डर पर राइट-क्लिक करके "Pin to Quick Access" चुन सकता है जिससे वह नेविगेशन पेन में सबसे ऊपर दिखने लगता है।
- प्राइवेसी सेटिंग्स: फाइल एक्सप्लोरर के Folder Options > General Tab > Privacy में जाकर उपयोगकर्ता "Show recently used files in Quick access" और "Show frequently used folders in Quick access" को बंद कर सकता है तथा हिस्ट्री को 'Clear' कर सकता है।
- डिफ़ॉल्ट ओपन लोकेशन: फ़ोल्डर ऑप्शंस में यह सेट किया जा सकता है कि Win + E दबाने पर फाइल एक्सप्लोरर 'Quick Access' में खुले या 'This PC' में।
विकल्प 4 गलत कथन है (अतः यही सही उत्तर है)। CMYK रंग मॉडल का उपयोग स्क्रीन डिस्प्ले (जैसे OLED/LCD) में नहीं किया जाता, बल्कि यह केवल भौतिक प्रिंटिंग (Paper Printing) और स्याही कार्ट्रिज के लिए उपयोग किया जाता है। सभी डिजिटल स्क्रीन केवल RGB (Red, Green, Blue) रंग मॉडल का उपयोग करती हैं।
RGB बनाम CMYK रंग मॉडल की तुलना:
| पैरामीटर | RGB रंग मॉडल | CMYK रंग मॉडल |
|---|---|---|
| प्रकृति (Nature) | एडिटिव कलर मॉडल (Additive Color Model) | सबट्रैक्टिव कलर मॉडल (Subtractive Color Model) |
| कार्यप्रणाली | लाल, हरे और नीले प्रकाश को मिलाकर रंग बनते हैं। तीनों का पूर्ण मिश्रण सफेद प्रकाश (White) बनाता है। | स्याही कागज़ से परावर्तित प्रकाश के कुछ रंगों को अवशोषित करती है। तीनों का मिश्रण गहरा भूरा/काला बनाता है। |
| माध्यम | इलेक्ट्रॉनिक स्क्रीन (LCD, LED, OLED, CRT, प्रोजेक्टर) | इंकजेट प्रिंटर, लेज़र प्रिंटर, प्रेस प्रिंटिंग |
| घटक रंग | Red, Green, Blue | Cyan, Magenta, Yellow, Key (Black) |
अतिरिक्त ग्राफिक्स अवधारणाएँ:
- DPI (Dots Per Inch): प्रिंटर द्वारा प्रति इंच मुद्रित किए जाने वाले स्याही बिंदुओं की संख्या (प्रिंट गुणवत्ता का पैमाना)।
- PPI (Pixels Per Inch): डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन की पिक्सेल घनत्व (Pixel Density) का पैमाना।
- Bit Depth: प्रति पिक्सेल रंगों की संख्या निर्धारित करने वाली बिट्स (8-bit = 256 रंग, 24-bit True Color = 16.7M रंग, 32-bit = True Color + 8-bit Alpha/Transparency Channel)।
| सूची-I (अनुप्रयोग / उपयोगिता) | सूची-II (मानक फ़ाइल एक्सटेंशन) |
|---|---|
| a. लिब्रेऑफिस राइटर दस्तावेज़ (LibreOffice Writer) | i. .ods |
| b. लिब्रेऑफिस कैल्क स्प्रेडशीट (LibreOffice Calc) | ii. .msi |
| c. लिब्रेऑफिस इम्प्रेस प्रेजेंटेशन (LibreOffice Impress) | iii. .odt |
| d. माइक्रोसॉफ्ट विंडोज़ इंस्टॉलर पैकेज (Windows Installer) | iv. .odp |
विकल्प 1 (a-iii, b-i, c-iv, d-ii) सही सुमेलन है। ओपन डॉक्यूमेंट फॉर्मेट्स (ODF) और विंडोज़ इंस्टॉलर पैकेजों का विस्तृत विश्लेषण निम्नलिखित है:
- .odt (OpenDocument Text): लिब्रेऑफिस राइटर (LibreOffice Writer) और अपाचे ओपनऑफिस का डिफ़ॉल्ट वर्ड-प्रोसेसिंग दस्तावेज़ प्रारूप है। यह एक मानकीकृत खुला XML-आधारित फ़ाइल प्रारूप (ISO/IEC 26300) है।
- .ods (OpenDocument Spreadsheet): लिब्रेऑफिस कैल्क (LibreOffice Calc) स्प्रेडशीट का डिफ़ॉल्ट प्रारूप है।
- .odp (OpenDocument Presentation): लिब्रेऑफिस इम्प्रेस (LibreOffice Impress) प्रेजेंटेशन स्लाइड्स का डिफ़ॉल्ट प्रारूप है।
- .msi (Microsoft Installer / Windows Installer Package): यह विंडोज़ ऑपरेटिंग सिस्टम में अनुप्रयोगों की स्वचालित स्थापना, रखरखाव और अनइंस्टॉलेशन के लिए डेटाबेस और फाइलों से युक्त आधिकारिक इंस्टॉलर पैकेज है।
| सॉफ़्टवेयर / श्रेणी | ओपन फॉर्मेट एक्सटेंशन (ODF) | प्रोप्राइटरी MS Office एक्सटेंशन (OOXML) |
|---|---|---|
| वर्ड प्रोसेसर | .odt (OpenDocument Text) | .docx (Microsoft Word) |
| स्प्रेडशीट | .ods (OpenDocument Spreadsheet) | .xlsx (Microsoft Excel) |
| प्रेजेंटेशन | .odp (OpenDocument Presentation) | .pptx (Microsoft PowerPoint) |
| ग्राफिक्स/ड्रॉइंग | .odg (OpenDocument Drawing) | .vsdx (MS Visio) |
विकल्प 2 सही है। taskmgr कमांड रन बॉक्स में दर्ज करने पर 'टास्क मैनेजर' (Task Manager) उपयोगिता खुलती है।
टास्क मैनेजर की मुख्य कार्यक्षमताएँ एवं टैब्स:
- Processes Tab: वर्तमान में चल रहे ऐप्स, बैकग्राउंड प्रोसेस और विंडोज़ प्रोसेस की सूची दिखाता है तथा उनके द्वारा उपयोग किए जा रहे CPU, Memory (RAM), Disk, Network और GPU की प्रतिशतता प्रदर्शित करता है। यहाँ से किसी हैंग हुए प्रोग्राम पर राइट-क्लिक करके "End Task" किया जा सकता है।
- Performance Tab: सीपीयू उपयोग ग्राफ, मेमोरी एलोकेशन, डिस्क रीड/राइट गति, नेटवर्क थ्रूपुट, और हार्डवेयर विनिर्देश (Uptime, Cores, Threads, Base Speed) का रीयल-टाइम ग्राफिकल चार्ट प्रस्तुत करता है।
- Startup Apps Tab: कंप्यूटर चालू (Boot) होने पर स्वतः शुरू होने वाले प्रोग्रामों को इनेबल या डिसेबल करने की सुविधा देता है जिससे बूट समय तेज किया जा सके।
- Services Tab: सक्रिय और बंद सेवाओं की सूची तथा उनकी PID (Process ID) दिखाता है।
टास्क मैनेजर खोलने के प्रत्यक्ष कीबोर्ड शॉर्टकट्स:
- Ctrl + Shift + Esc: बिना किसी मध्यवर्ती मेनू के सीधे टास्क मैनेजर खोलता है।
- Ctrl + Alt + Delete: विंडोज़ सुरक्षा स्क्रीन खोलता है जहाँ से टास्क मैनेजर का चयन किया जा सकता है।
- टास्कबार पर राइट-क्लिक: टास्कबार पर खाली स्थान पर राइट-क्लिक करके 'Task Manager' चुना जा सकता है।
दिए गए विकल्पों में से कोई भी विकल्प सही नहीं है, अतः सही उत्तर विकल्प 5 (इनमें से कोई नहीं) है।
विंडोज़ में क्लासिक कंट्रोल पैनल (Control Panel) विंडो को सीधे खोलने के लिए रन बॉक्स में control कमांड दर्ज किया जाता है।
विकल्पों में दिए गए रन कमांड्स का वास्तविक कार्य:
- cmd: विंडोज़ 'कमांड प्रॉम्प्ट' (Command Prompt - CLI) खोलता है।
- powershell: 'विंडोज़ पॉवरशेल' (Windows PowerShell) कंसोल खोलता है जो सिस्टम स्वचालन और स्क्रिप्टिंग हेतु ऑब्जेक्ट-ओरिएंटेड कमांड-लाइन वातावरण है।
- explorer: 'फाइल एक्सप्लोरर' (या डिफ़ॉल्ट लाइब्रेरीज़ फ़ोल्डर) खोलता है।
- ms-settings: (न कि केवल settings): विंडोज़ 10/11 की आधुनिक 'सेटिंग्स' (Modern Windows Settings App) को खोलने के लिए ms-settings: कमांड का उपयोग किया जाता है।
कंट्रोल पैनल के अन्य आवश्यक रन शॉर्टकट्स:
- control desk.cpl या desk.cpl: डिस्प्ले सेटिंग्स और स्क्रीन रेजोल्यूशन।
- control mmsys.cpl या mmsys.cpl: साउंड एवं ऑडियो डिवाइस सेटिंग्स।
- control timedate.cpl या timedate.cpl: दिनांक एवं समय सेटिंग्स।
- control main.cpl या main.cpl: माउस प्रॉपर्टीज एवं पॉइंटर सेटिंग्स।
अभिकथन (A): विंडोज़ फाइल एक्सप्लोरर का सर्च बॉक्स उपयोगकर्ताओं को फ़ाइलों को उनके आकार, विस्तार (Extension) और संशोधन तिथि के आधार पर सटीक रूप से खोजने के लिए उन्नत सिंटैक्स (जैसे size:>1GB, ext:.pdf, datemodified:last week) के उपयोग की अनुमति देता है।
कारण (R): विंडोज़ पृष्ठभूमि में 'विंडोज़ सर्च इंडेक्सिंग सर्विस' (Windows Search Indexer) चलाती है जो डिस्क पर संग्रहीत फ़ाइलों के नामों, उनके मेटाडेटा और दस्तावेज़ सामग्री का एक पूर्व-संगणित अनुक्रमणिका (Pre-computed Index) बनाकर खोज परिणामों को तत्काल प्रस्तुत करती है।
उपर्युक्त कथनों के संदर्भ में निम्नलिखित में से सही विकल्प चुनिए:||अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या करता है।|अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सही हैं, लेकिन कारण (R), अभिकथन (A) की सही व्याख्या नहीं करता है।|अभिकथन (A) सही है, लेकिन कारण (R) गलत है।|अभिकथन (A) गलत है, लेकिन कारण (R) सही है।|इनमें से कोई नहीं||A||
अभिकथन (A) और कारण (R) दोनों सत्य हैं और कारण (R), अभिकथन (A) की तकनीकी कार्यप्रणाली को सटीक रूप से स्पष्ट करता है।
- विंडोज़ सर्च सिंटैक्स (Advanced Query Syntax - AQS): फाइल एक्सप्लोरर में केवल नाम टाइप करने के अलावा उपयोगकर्ता उन्नत सर्च फ़िल्टर लगा सकता है:
- आकार के आधार पर: size:empty (0 KB), size:small (10-100 KB), size:huge (128 MB - 1 GB), size:>500MB।
- प्रकार के आधार पर: kind:picture, kind:music, kind:document, ext:.docx।
- संशोधन तिथि के आधार पर: datemodified:today, datemodified:this month, datemodified:2025-01-01..2025-01-31।
- बूलियन ऑपरेटर्स: AND, OR, NOT (जैसे budget AND NOT draft)।
- इंडेक्सिंग सेवा (Windows Search Indexer - SearchIndexer.exe): विंडोज़ लगातार पृष्ठभूमि में इंडेक्स्ड फ़ोल्डरों (जैसे Users, Documents, AppData) की निगरानी करती है और फाइलों के मेटाडेटा व इन-फाइल टेक्स्ट का कॉम्पैक्ट कैटलॉग बनाए रखती है। इसके कारण जब उपयोगकर्ता कुछ सर्च करता है, तो सिस्टम को पूरी हार्ड ड्राइव के लाखों सेक्टर्स को स्कैन करने की आवश्यकता नहीं होती, बल्कि वह इंडेक्स से मिलीसेकंड्स में परिणाम प्रस्तुत कर देता है।
| List-I (Run Command) | List-II (System Utility) |
|---|---|
| a. ncpa.cpl | i. Disk partitioning, volume creation, and formatting tool (Disk Management) |
| b. diskmgmt.msc | ii. Tool to uninstall/modify installed software (Programs and Features) |
| c. devmgmt.msc | iii. Network adapter and active network connection settings (Network Connections) |
| d. appwiz.cpl | iv. Management of hardware components and device drivers (Device Manager) |
- In the FAT32 file system, the maximum size of any single file cannot exceed 4 GB (Gigabytes).
- NTFS (New Technology File System) supports file-level permissions (Access Control Lists - ACLs) and encryption (EFS) on individual files and folders.
- exFAT (Extended File Allocation Table) was specifically developed for USB flash drives and SD cards to store files larger than 4 GB and provide cross-platform compatibility between Windows and macOS.
Assertion (A): Setting the 'Read-Only' attribute on a file in Windows File Explorer protects the file from accidental modification and overwriting.
Reason (R): When the 'Read-Only' attribute is enabled, any application can read the contents of that file but prevents the user from saving direct changes back into the original file.
Select the correct option from the following:||Both Assertion (A) and Reason (R) are true and Reason (R) is the correct explanation of Assertion (A).|Both Assertion (A) and Reason (R) are true, but Reason (R) is not the correct explanation of Assertion (A).|Assertion (A) is true, but Reason (R) is false.|Assertion (A) is false, but Reason (R) is true.|None of the above||A||||Moderate Q8||Consider the following statements regarding audio file formats and codecs in multimedia:
- FLAC (Free Lossless Audio Codec) and WAV (Waveform Audio File Format) are lossless audio formats that preserve 100% of the original sound quality.
- MP3 (MPEG-1 Audio Layer III) and AAC (Advanced Audio Coding) employ lossy compression techniques that reduce file size by 75% to 90% by discarding psychoacoustically imperceptible frequencies.
- A MIDI (Musical Instrument Digital Interface) file does not store actual recorded audio waveforms, but rather stores digital performance instructions (such as notes, pitch, volume, and tempo) for electronic musical instruments.
| List-I (Application / Utility) | List-II (Standard File Extension) |
|---|---|
| a. LibreOffice Writer Document | i. .ods |
| b. LibreOffice Calc Spreadsheet | ii. .msi |
| c. LibreOffice Impress Presentation | iii. .odt |
| d. Microsoft Windows Installer Package | iv. .odp |
Assertion (A): The search box in Windows File Explorer allows users to use advanced query syntax (such as size:>1GB, ext:.pdf, datemodified:last week) to precisely filter and locate files based on size, extension, and modification date.
Reason (R): Windows runs the 'Windows Search Indexer' service in the background, which creates a pre-computed catalog of file names, metadata, and in-file text content to deliver near-instantaneous search results.
Select the correct option from the following:||Both Assertion (A) and Reason (R) are true and Reason (R) is the correct explanation of Assertion (A).|Both Assertion (A) and Reason (R) are true, but Reason (R) is not the correct explanation of Assertion (A).|Assertion (A) is true, but Reason (R) is false.|Assertion (A) is false, but Reason (R) is true.|None of the above||A||||Hard
UPSSSC Lower PCS 2026
Computer Questions Practice Set (Topic Wise)
Practice Set - 17
Practice Completed
All questions answered. Generate report?
Generating report
Analyzing performance...
Performance Report
निष्कर्ष (Conclusion)
हमें उम्मीद है कि UPSSSC Lower PCS के लिए तैयार किया गया यह कंप्यूटर प्रैक्टिस सेट (Computer Practice Set) आपकी परीक्षा की तैयारी (exam preparation) में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रश्नों को हल करने के बाद, विस्तृत व्याख्या (detailed explanations) को पढ़ना न भूलें, क्योंकि असली कॉन्सेप्ट्स वहीं छिपे हैं। अपना स्कोर (score) और किसी भी प्रश्न से जुड़ा डाउट (doubt) नीचे कमेंट सेक्शन (comment section) में अथवा Telegram Group में जरूर शेयर करें।
Thanks for Reading! / पढ़ने के लिए धन्यवाद! 🙏
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