नमस्ते दोस्तों! हाल ही में आयोजित UP Police SI (14 मार्च 2026) परीक्षा के सामान्य अध्ययन (GS) खंड में सरकारी योजनाओं (Government Schemes) से एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रश्न पूछा गया था। यह प्रश्न डिजिटल इंडिया (Digital India) की शुरुआत के बारे में है। यह टॉपिक आगामी UP Police Constable और SSC जैसी सभी महत्वपूर्ण परीक्षाओं के लिए एक 'हॉट टॉपिक' (Hot Topic) है। जो छात्र इस टॉपिक की गहराई को नहीं समझेंगे, वे निश्चित ही रेस में पीछे रह जाएंगे। इस पोस्ट में हम इस प्रश्न का गहराई से 360-डिग्री एनालिसिस (360-Degree Analysis) करेंगे, ताकि भविष्य में इस योजना के किसी भी आयाम से प्रश्न आए, तो आप उसे तुरंत हल कर सकें।
आज का प्रश्न (Today's Question)
प्रश्न (Question): डिजिटल इंडिया अभियान कब शुरू किया गया था ? (When was the Digital India campaign launched?)
- (A) 2014
- (B) 2015
- (C) 2017
- (D) 2012
प्रश्न कुंडली (Question Analysis)
कठिनाई (Difficulty): मध्यम (Medium)
मुख्य विषय (Core Chapter): ई-गवर्नेंस एवं डिजिटल पहल (E-Governance & Digital Initiatives)
प्रश्न की प्रकृति (Question Nature): तथ्यात्मक (Factual)
आदर्श समय (Ideal Time): 10-15 सेकंड (Seconds)
औसत सफलता दर (Avg. Success Rate): 65-70%
परीक्षा स्रोत (Exam Source): UP Police SI (14 March 2026, First Shift)
सही उत्तर और व्याख्या (Answer & Deep Explanation)
सही उत्तर है (Correct Answer): (B) 2015
विस्तृत व्याख्या (Deep Explanation):
डिजिटल इंडिया (Digital India) भारत सरकार (Government of India) का एक प्रमुख कार्यक्रम (Flagship Programme) है। इस महात्वाकांक्षी अभियान को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा 1 जुलाई 2015 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में औपचारिक रूप से लॉन्च किया गया था। इस योजना का मूल उद्देश्य भारत को एक 'डिजिटल रूप से सशक्त समाज' (Digitally Empowered Society) और 'ज्ञान अर्थव्यवस्था' (Knowledge Economy) में रूपांतरित करना है।
इस विशाल कार्यक्रम का समन्वय (Coordination) और कार्यान्वयन (Implementation) मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology - MeitY) द्वारा किया जाता है, जिसमें अन्य केंद्रीय मंत्रालय और राज्य सरकारें भी सहयोग करती हैं।
डिजिटल इंडिया के तीन प्रमुख विजन (Three Core Visions of Digital India):
- हर नागरिक के लिए उपयोगिता के रूप में डिजिटल बुनियादी ढांचा (Digital Infrastructure as a Utility to Every Citizen): इसके तहत नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल पहचान (Digital Identity - जैसे आधार), हाई-स्पीड इंटरनेट (High-speed Internet), मोबाइल फोन और बैंक खाते तक पहुंच सुनिश्चित की जाती है।
- मांग पर शासन और सेवाएं (Governance and Services on Demand): इसका अर्थ है सरकारी विभागों को आपस में जोड़ना (Integration) और नागरिकों को रीयल-टाइम में ऑनलाइन सेवाएं (Online Services) या क्लाउड (Cloud) के माध्यम से सुविधाएं प्रदान करना (जैसे - DigiLocker, UMANG ऐप)।
- नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण (Digital Empowerment of Citizens): इसके अंतर्गत देश में डिजिटल साक्षरता (Digital Literacy - जैसे PMGDISHA योजना) को बढ़ावा देना और सभी प्रमुख सरकारी सेवाओं व दस्तावेजों को भारतीय भाषाओं में उपलब्ध कराना शामिल है।
देसी उदाहरण (Deshi Analogy): पंचायत भवन का डिजिटल अवतार
कल्पना कीजिए कि आज से 10-15 साल पहले आपके गाँव का पुराना पंचायत भवन कैसा था! जहाँ हर छोटे काम (खसरा-खतौनी, आय प्रमाण पत्र, या पेंशन) के लिए महीनों तक सरकारी बाबुओं के चक्कर काटने पड़ते थे। 'डिजिटल इंडिया' ने उसी पंचायत भवन को एक 'कॉमन सर्विस सेंटर' (Common Service Centre - CSC) में बदल दिया है। अब वही काम इंटरनेट (Internet) की मदद से कुछ ही मिनटों में, पूरी पारदर्शिता (Transparency) के साथ आपके सामने हो जाता है। बिचौलियों की छुट्टी और काम में तेजी—यही है असली डिजिटल सशक्तिकरण!
सभी विकल्पों का 360° एनालिसिस (360° Analysis of Options)
एक चतुर परीक्षक (Examiner) हमेशा ऐसे विकल्प सेट करता है जो एक-दूसरे के बेहद करीब हों या किसी अन्य महत्वपूर्ण घटना से जुड़े हों। आइए इन गलत विकल्पों का पोस्टमार्टम करें ताकि भविष्य में आप ट्रैप (Trap) में न फंसें।
विकल्प (A) 2014
- यह क्या है (What does it mean?): वर्ष 2014 भारतीय नीति-निर्माण (Indian Policy-making) में एक ऐतिहासिक वर्ष था। इसी वर्ष 28 अगस्त 2014 को विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) योजना, 'प्रधानमंत्री जन धन योजना' (PMJDY) शुरू की गई थी। इसके अलावा, नागरिकों की भागीदारी के लिए 'माईगव' (MyGov) पोर्टल भी 2014 में ही लॉन्च हुआ था। सबसे महत्वपूर्ण बात, डिजिटल इंडिया (Digital India) कार्यक्रम के विजन और रूपरेखा को केंद्रीय मंत्रिमंडल (Union Cabinet) द्वारा 20 अगस्त 2014 को ही मंजूरी दे दी गई थी।
- यह गलत क्यों है? (Why is it wrong?): परीक्षार्थी अक्सर 'मंत्रिमंडल की मंजूरी' (Cabinet Approval) और 'औपचारिक लॉन्च' (Formal Launch) के बीच भ्रमित हो जाते हैं। 2014 में इस महा-अभियान की केवल नींव रखी गई थी, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा इसका देशव्यापी आधिकारिक शुभारंभ (Official Launch) 1 जुलाई 2015 को किया गया था। इसलिए यह विकल्प गलत है।
विकल्प (C) 2017
- यह क्या है (What does it mean?): वर्ष 2017 डिजिटल इंडिया के विस्तार (Expansion) का एक प्रमुख मील का पत्थर (Milestone) था। इसी वर्ष डिजिटल साक्षरता को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए 'प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान' (PMGDISHA) को फरवरी 2017 में मंजूरी मिली थी। साथ ही, ई-गवर्नेंस (e-Governance) की मास्टर ऐप 'उमंग' (UMANG - Unified Mobile Application for New-age Governance) को भी नवंबर 2017 में लॉन्च किया गया था।
- यह गलत क्यों है? (Why is it wrong?): 2017 में लॉन्च की गई योजनाएं (जैसे PMGDISHA या UMANG) 'डिजिटल इंडिया' रूपी विशाल वृक्ष की शाखाएं (Branches) थीं। यह मूल योजना का वर्ष नहीं है, बल्कि उसके अंतर्गत शुरू किए गए उप-प्रोजेक्ट्स (Sub-projects) का वर्ष है।
विकल्प (D) 2012
- यह क्या है (What does it mean?): वर्ष 2012 'डिजिटल इंडिया' से पूर्व के युग (Pre-Digital India Era) का प्रतिनिधित्व करता है। इस वर्ष सरकार ने 'राष्ट्रीय सूचना प्रौद्योगिकी नीति 2012' (National Policy on Information Technology 2012) को मंजूरी दी थी। उस समय देश में 'राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस योजना' (National e-Governance Plan - NeGP) चल रही थी (जिसे 2006 में शुरू किया गया था)।
- यह गलत क्यों है? (Why is it wrong?): 2012 के समय ई-गवर्नेंस (e-Governance) के प्रयास बहुत बिखरे हुए (Fragmented) और विभाग-केंद्रित (Department-centric) थे। उनमें एक एकीकृत दृष्टिकोण (Integrated Approach) की कमी थी। इन्हीं बिखरी हुई योजनाओं को एक छतरी (Umbrella) के नीचे लाने और उन्हें अपग्रेड करने के लिए ही 2015 में 'डिजिटल इंडिया' की शुरुआत की गई थी। अतः यह विकल्प पूर्णतः असंगत है।
डिजिटल इंडिया अभियान (Digital India Campaign) - Short Notes
मेरे प्यारे छात्रों, 'डिजिटल इंडिया' कोई सामान्य सरकारी योजना नहीं है, बल्कि यह भारत के तकनीकी कायाकल्प (Technological Metamorphosis) का ब्लूप्रिंट (Blueprint) है। वन-डे परीक्षाओं (SSC, UPSSSC, Police) में जहाँ इसके तथ्य (Facts) सीधे पूछे जाते हैं, वहीं UPSC और State PCS की मुख्य परीक्षा (Mains Exam) में इसके ढांचागत (Structural) और आर्थिक (Economic) पहलुओं का गहराई से विश्लेषण माँगा जाता है। आइए इसका संपूर्ण एक्स-रे (X-Ray) करते हैं:
1. प्रशासनिक और संस्थागत ढांचा (Administrative and Institutional Framework):
- नोडल मंत्रालय (Nodal Ministry): इस महा-अभियान का नेतृत्व इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (Ministry of Electronics and Information Technology - MeitY) करता है।
- निगरानी तंत्र (Monitoring Mechanism): इसके सुचारू कार्यान्वयन (Smooth Implementation) के लिए एक त्रि-स्तरीय (Three-tier) ढांचा बनाया गया है:
- नीतिगत दिशा (Policy Direction): प्रधानमंत्री (Prime Minister) की अध्यक्षता वाली 'डिजिटल इंडिया पर पीएम समिति' (PM's Committee on Digital India)।
- कार्यकारी निर्णय (Executive Decisions): कैबिनेट सचिव (Cabinet Secretary) की अध्यक्षता में 'शीर्ष समिति' (Apex Committee)।
- रणनीतिक सलाह (Strategic Advice): संचार और आईटी मंत्री (Minister of Communications & IT) की अध्यक्षता में 'डिजिटल इंडिया सलाहकार समूह' (Digital India Advisory Group - DIAG)।
2. डिजिटल इंडिया के 9 स्तंभ (Nine Pillars of Digital India) - [परीक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण (Extremely Important for Exams)]:
सरकार ने इस पूरे अभियान को 9 मजबूत स्तंभों पर खड़ा किया है। परीक्षा में सीधे पूछा जाता है कि इनमें से कौन सा 'डिजिटल इंडिया का स्तंभ' नहीं है। आपको ये सभी 9 याद होने चाहिए:
- ब्रॉडबैंड हाईवे (Broadband Highways): 2.5 लाख ग्राम पंचायतों को 'भारतनेट' (BharatNet) परियोजना के तहत हाई-स्पीड ऑप्टिकल फाइबर (High-speed Optical Fibre) से जोड़ना।
- मोबाइल कनेक्टिविटी तक सार्वभौमिक पहुंच (Universal Access to Mobile Connectivity): देश के उन सुदूर इलाकों (Remote Areas) में मोबाइल नेटवर्क पहुँचाना जहाँ अभी तक कवरेज (Coverage) नहीं है।
- सार्वजनिक इंटरनेट एक्सेस कार्यक्रम (Public Internet Access Programme): डाकघरों (Post Offices) को मल्टी-सर्विस सेंटर (Multi-service Centres) और 'कॉमन सर्विस सेंटर' (Common Service Centres - CSCs) में बदलना।
- ई-गवर्नेंस (e-Governance): प्रौद्योगिकी (Technology) के माध्यम से सरकारी कामकाज में सुधार (Reforming Government) और सरलीकरण (Simplification)।
- ई-क्रांति (e-Kranti): स्वास्थ्य (e-Healthcare), शिक्षा (e-Education), किसान (e-Agriculture) और न्याय (e-Courts) जैसी सेवाओं की इलेक्ट्रॉनिक डिलीवरी (Electronic Delivery of Services)।
- सभी के लिए सूचना (Information for All): सरकारी डेटा तक खुली पहुंच (Open Data Platform - data.gov.in) और 'माईगव' (MyGov) के माध्यम से ऑनलाइन भागीदारी।
- इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Electronics Manufacturing): 'नेट जीरो इम्पोर्ट' (Net Zero Import) का लक्ष्य हासिल करना और देश में ही मोबाइल, चिप (Semiconductor) व सेट-टॉप बॉक्स बनाना।
- नौकरियों के लिए आईटी (IT for Jobs): टियर-2 (Tier-2) और टियर-3 (Tier-3) शहरों के युवाओं को आईटी सेक्टर (IT Sector) के कौशल (Skills) प्रदान करना।
- अर्ली हार्वेस्ट कार्यक्रम (Early Harvest Programmes): कम समय में लागू होने वाले प्रोजेक्ट्स, जैसे सभी विश्वविद्यालयों में वाई-फाई (Wi-Fi), बायोमेट्रिक उपस्थिति (Biometric Attendance) आदि।
3. आर्थिक एवं रणनीतिक लक्ष्य (Economic & Strategic Goals):
- 1 ट्रिलियन डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था (1 Trillion Dollar Digital Economy): भारत सरकार का लक्ष्य 2025-26 तक डिजिटल अर्थव्यवस्था के आकार को 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुँचाना है।
- डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (Digital Public Infrastructure - DPI): डिजिटल इंडिया की सबसे बड़ी वैश्विक सफलता (Global Success) इसका 'डीपीआई' (DPI) मॉडल है, जिसे दुनिया 'इंडिया स्टैक' (India Stack) के नाम से जानती है। (इसे हमने नीचे मास्टर टेबल में डिकोड किया है)।
इंडिया स्टैक और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) का तकनीकी वर्गीकरण (Technical Classification of India Stack and Digital Public Infrastructure - DPI) मास्टर टेबल
यह एक्सक्लूसिव टेबल (Exclusive Table) सीधे UPSC और State PCS के 'पेपर-3: अर्थव्यवस्था और विज्ञान-प्रौद्योगिकी' (Paper-3: Economy & Sci-Tech) के सिलेबस को हिट करती है। वन-डे एग्जाम वाले छात्र नोडल एजेंसियों पर विशेष ध्यान दें। 'इंडिया स्टैक' ओपन-एपीआई (Open-API) का एक सेट है, जिसे 4 मुख्य परतों (Layers) में बांटा गया है:
| इंडिया स्टैक की परतें (Layers of India Stack) | प्रमुख घटक / प्लेटफॉर्म (Key Components / Platforms) | नोडल एजेंसी / विनियामक (Nodal Agency / Regulator) | मुख्य कार्य एवं तकनीकी उपयोग (Core Function & Technicah Application) |
|---|---|---|---|
| 1. पहचान परत (Identity Layer) | • आधार (Aadhaar) • ई-प्रमाण (e-Pramaan) • डिजीयात्रा (DigiYatra) |
UIDAI (आधार के लिए) MeitY (ई-प्रमाण के लिए) |
उद्देश्य: "कौन हो तुम?" (Who are you?) यह परत बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण (Biometric Authentication), सिंगल साइन-ऑन (Single Sign-On) और चेहरे की पहचान (Facial Recognition) के माध्यम से उपस्थिति रहित (Presenceless) नागरिक सत्यापन करती है। |
| 2. भुगतान परत (Payments Layer) | • यूपीआई (UPI) • एईपीएस (AEPS - Aadhaar Enabled Payment System) • ई-रूपी (e-RUPI) |
NPCI (National Payments Corporation of India) (RBI के पूर्ण मार्गदर्शन में) |
उद्देश्य: "पैसे का लेनदेन" (Money Transfer) यह एक कैशलेस (Cashless) प्रणाली है जो रीयल-टाइम फंड ट्रांसफर (Real-time Fund Transfer) और अंतर-संचालन (Interoperability) सुनिश्चित करती है। ई-रूपी एक 'उद्देश्य-विशिष्ट' (Purpose-specific) डिजिटल वाउचर (Digital Voucher) है। |
| 3. डेटा सशक्तिकरण परत (Data Empowerment Layer) | • डिजिलॉकर (DigiLocker) • अकाउंट एग्रीगेटर (Account Aggregator - AA) • आभा (ABHA - Ayushman Bharat Health Account) |
MeitY (डिजिलॉकर के लिए) RBI / Sahamati (AA के लिए) NHA (ABHA के लिए) |
उद्देश्य: "सहमति से डेटा शेयरिंग" (Consent-based Data Sharing) यह परत पेपरलेस (Paperless) अर्थव्यवस्था का निर्माण करती है। अकाउंट एग्रीगेटर (AA) वित्तीय डेटा को सुरक्षित रूप से साझा करने का एक अत्यंत उन्नत ढांचा (Advanced Framework) है। |
| 4. वाणिज्यिक एवं रसद परत (Commerce & Logistics Layer)(हालिया विकास) | • ओएनडीसी (ONDC - Open Network for Digital Commerce) • फास्टैग (FASTag) • जीईएम (GeM - Government e-Marketplace) |
DPIIT (ONDC के लिए) NHAI (FASTag के लिए) |
उद्देश्य: "बाजार और आपूर्ति श्रृंखला" (Market & Supply Chain) ONDC ई-कॉमर्स (E-commerce) में अमेज़न/फ्लिपकार्ट के एकाधिकार (Monopoly) को तोड़ने के लिए एक 'ओपन-सोर्स नेटवर्क' (Open-source Network) है। FASTag 'आरएफआईडी' (RFID - Radio Frequency Identification) तकनीक पर काम करता है। |
डिजिटल इंडिया के 9 स्तंभों को याद रखने की देसी ट्रिक (A 'Desi' Trick to Remember the 9 Pillars of Digital India)
परीक्षा हॉल (Examination Hall) के दबाव में अक्सर हम 'डिजिटल इंडिया' के 9 स्तंभों में से एक-दो भूल जाते हैं। इसे हमेशा के लिए अपने दिमाग में छापने के लिए इस आसान और मजेदार देसी कहानी को याद रखें:
देसी ट्रिक (Deshi Trick): > "BMI से ई-गवर्नेंस और ई-क्रांति आई, जिससे सबको सूचना, इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी जॉब की 'अर्ली' (Early) फसल मिली।"
चलिए इसे डिकोड (Decode) करते हैं:
- B - ब्रॉडबैंड हाईवे (Broadband Highways)
- M - मोबाइल कनेक्टिविटी (Mobile Connectivity)
- I - इंटरनेट एक्सेस (Public Internet Access)
- ई-गवर्नेंस - ई-गवर्नेंस (e-Governance)
- ई-क्रांति - ई-क्रांति (e-Kranti)
- सूचना - सभी के लिए सूचना (Information for All)
- इलेक्ट्रॉनिक्स - इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण (Electronics Manufacturing)
- आईटी जॉब - नौकरियों के लिए आईटी (IT for Jobs)
- अर्ली (Early) फसल - अर्ली हार्वेस्ट कार्यक्रम (Early Harvest Programmes)
बस इस एक लाइन को अपनी स्टडी टेबल (Study Table) के सामने चिपका लें, परीक्षा में कोई भी 'ऑड वन आउट' (Odd One Out) प्रश्न गलत नहीं होगा!
डिजिटल इंडिया में समसामयिक घटनाएँ (Current Affairs in Digital India)
एक चतुर परीक्षार्थी वही है जो इतिहास (History) या स्थिर जीके (Static GK) को वर्तमान (Current) से जोड़कर पढ़ता है। पिछले कुछ महीनों में 'डिजिटल इंडिया' के परिदृश्य में कई क्रांतिकारी बदलाव हुए हैं, जो आगामी परीक्षाओं के लिए अति-महत्वपूर्ण (Ultra-important) हैं:
- नया डिजिटल इंडिया अधिनियम (New Digital India Act - DIA): भारत सरकार दो दशक पुराने 'सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000' (Information Technology Act, 2000) को बदलने के लिए एक नया 'डिजिटल इंडिया अधिनियम' (Digital India Act) ला रही है। यह अधिनियम इंटरनेट के नए युग की चुनौतियों जैसे— कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence - AI), डीपफेक (Deepfakes), साइबर बुलिंग (Cyberbullying) और डेटा गोपनीयता (Data Privacy) से निपटने के लिए एक आधुनिक कानूनी ढांचा (Modern Legal Framework) प्रदान करेगा।
- इंडिया एआई मिशन (IndiaAI Mission): हाल ही में केंद्र सरकार ने भारत में एआई पारिस्थितिकी तंत्र (AI Ecosystem) को मजबूत करने के लिए 10,300 करोड़ रुपये से अधिक के बजट के साथ 'इंडिया एआई मिशन' को मंजूरी दी है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में एक विशाल 'एआई कंप्यूट क्षमता' (AI Compute Capacity) का निर्माण करना और स्टार्टअप्स (Startups) को सहायता प्रदान करना है।
- डिजिटल इंडिया भाषिणी (Digital India Bhashini): यह भारत सरकार का एक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) संचालित राष्ट्रीय भाषा अनुवाद मिशन (National Language Translation Mission) है। इसका उद्देश्य इंटरनेट (Internet) और डिजिटल सेवाओं (Digital Services) को सभी 22 अनुसूचित भारतीय भाषाओं (Scheduled Indian Languages) में उपलब्ध कराना है, ताकि डिजिटल डिवाइड (Digital Divide) को खत्म किया जा सके।
- वैश्विक स्तर पर इंडिया स्टैक (India Stack at Global Level): भारत का 'डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर' (Digital Public Infrastructure - DPI) अब पूरी दुनिया में छा रहा है। हाल ही में फ्रांस (France) के एफिल टावर (Eiffel Tower) पर 'यूपीआई' (UPI) लॉन्च किया गया। इसके अलावा श्रीलंका (Sri Lanka), मॉरीशस (Mauritius) और यूएई (UAE) जैसे देशों ने भी आधिकारिक तौर पर भारत की यूपीआई (UPI) और रुपे (RuPay) प्रणालियों को अपनाया है।
- सेमीकंडक्टर मिशन (Semiconductor Mission): 'डिजिटल इंडिया' के विनिर्माण (Manufacturing) लक्ष्य को पूरा करने के लिए, भारत सरकार 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (India Semiconductor Mission - ISM) के तहत गुजरात (धोलेरा और साणंद) तथा असम (मोरीगांव) में विशाल सेमीकंडक्टर फैब (Semiconductor Fab) और चिप पैकेजिंग प्लांट (Chip Packaging Plants) स्थापित कर रही है।
आपके लिए आज का सवाल (Today's question for you)
अपनी तैयारी का स्तर और बेहतर करने के लिए इस प्रश्न का उत्तर नीचे कमेंट बॉक्स (Comment Box) में दें।
प्रश्न (Question): निम्नलिखित में से कौन सा प्लेटफॉर्म 'इंडिया स्टैक' की 'डेटा सशक्तिकरण परत' का हिस्सा नहीं है? (Which of the following platforms is NOT a part of the 'Data Empowerment Layer' of 'India Stack'?)
- (A) डिजिलॉकर (DigiLocker)
- (B) अकाउंट एग्रीगेटर (Account Aggregator)
- (C) आभा (ABHA)
- (D) ई-प्रमाण (e-Pramaan)
- (E) उपर्युक्त में से कोई नहीं (None of the above)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
डिजिटल इंडिया योजना के तहत भारतनेट प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य क्या है?
भारतनेट प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य देश की 2.5 लाख से अधिक ग्राम पंचायतों को हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड और ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ना है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में ई-गवर्नेंस, ई-हेल्थ और ई-एजुकेशन जैसी सरकारी सुविधाएं बिना किसी रुकावट के सीधे नागरिकों तक पहुंचाई जा सकें।
उमंग (UMANG) ऐप क्या है और यह छात्रों व नागरिकों के लिए कैसे उपयोगी है?
उमंग (Unified Mobile Application for New-age Governance) भारत सरकार का एक 'ऑल-इन-वन' ऐप है। यह नागरिकों को केंद्र और राज्य सरकार की सैकड़ों सेवाओं (जैसे प्रॉविडेंट फंड चेक करना, गैस सिलेंडर बुक करना, या डिजिलॉकर एक्सेस करना) को अलग-अलग वेबसाइट्स पर जाने की बजाय, एक ही मोबाइल प्लेटफॉर्म पर एक्सेस करने की सुरक्षित सुविधा देता है।
क्या इंडिया स्टैक और भारत का डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) केवल भारत तक ही सीमित है?
बिल्कुल नहीं, अब यह वैश्विक हो चुका है। भारत सरकार अपने सफल डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) यानी इंडिया स्टैक (जैसे UPI, आधार और डिजिलॉकर आधारित तकनीक) को अन्य विकासशील और विकसित देशों के साथ साझा कर रही है। फ्रांस के एफिल टावर पर UPI का लॉन्च होना और श्रीलंका व मॉरीशस द्वारा इसे अपनाना इसके बेहतरीन हालिया उदाहरण हैं।
