1969 के किस नेटवर्क को इंटरनेट का पूर्वज कहा जाता है? | UPSSSC PYQ

आज हम कंप्यूटर ज्ञान (Computer Knowledge) और सूचना प्रौद्योगिकी (Information Technology) के एक ऐतिहासिक प्रश्न का 360-डिग्री एनालिसिस (360-Degree Analysis) करने जा रहे हैं। यह प्रश्न 1 फरवरी 2026 को आयोजित UPSSSC जूनियर असिस्टेंट (Junior Assistant) परीक्षा में पूछा गया था। इंटरनेट का उद्भव (Evolution of Internet) और प्रारंभिक नेटवर्किंग अवधारणाओं से जुड़े ऐसे प्रश्न SSC, RRB NTPC, और राज्य लोक सेवा आयोग (State PCS) परीक्षाओं के मुख्य आधार (Mainstay) हैं। यदि आप इन बुनियादी लेकिन महत्वपूर्ण तकनीकी तथ्यों से चूक जाते हैं, तो यह आपकी परीक्षा की तैयारी में एक बड़ी खाई (Gap) छोड़ सकता है और अन्य प्रतिस्पर्धियों से आपको पीछे कर सकता है।


आज का प्रश्न (Today's Question)

प्रश्न (Question): 1969 में शुरू हुए किस कंप्यूटर नेटवर्क को आज के इंटरनेट के पहले संस्करण के रूप में जाना जाता है? (Which computer network started in 1969 is known as the first version of today's Internet?)

  • A) वाई-फाई (Wi-Fi)
  • B) ईथरनेट (Ethernet)
  • C) इंट्रानेट (Intranet)
  • D) एआरपीएएनईटी (ARPANET)
  • E) उपर्युक्त में से कोई नहीं (None of the above)

प्रश्न कुंडली (Question Analysis)

  • कठिनाई (Difficulty): आसान से मध्यम (Easy to Moderate)
  • मुख्य विषय (Core Chapter): इंटरनेट एवं नेटवर्किंग (Internet & Networking)
  • उप-विषय (Sub-topic): इंटरनेट का इतिहास (History of the Internet)
  • प्रश्न की प्रकृति (Question Nature): तथ्यात्मक एवं ऐतिहासिक (Factual & Historical)
  • आदर्श समय (Ideal Time): 10-15 सेकंड (Seconds)
  • औसत सफलता दर (Avg. Success Rate): 75-80%
  • परीक्षा स्रोत (Exam Source): UPSSSC Junior Assistant Exam (01 Feb 2026)

सही उत्तर और व्याख्या (Answer & Deep Explanation)

सही उत्तर है (Correct Answer): D) एआरपीएएनईटी (ARPANET)

विस्तृत व्याख्या (Deep Explanation):

आधुनिक इंटरनेट (Internet), जिसके बिना आज की दुनिया की कल्पना भी नहीं की जा सकती, का जन्म शीत युद्ध (Cold War) की पृष्ठभूमि में हुआ था। 1969 में, संयुक्त राज्य अमेरिका के रक्षा विभाग (Department of Defense - DoD) की एक शाखा, एडवांस्ड रिसर्च प्रोजेक्ट्स एजेंसी (Advanced Research Projects Agency - ARPA) ने एक प्रायोगिक कंप्यूटर नेटवर्क की स्थापना की, जिसे एआरपीएएनईटी (Advanced Research Projects Agency Network - ARPANET) नाम दिया गया।

इस नेटवर्क का प्राथमिक उद्देश्य अमेरिका के विभिन्न विश्वविद्यालयों और सैन्य अनुसंधान संस्थानों के कंप्यूटरों को आपस में जोड़ना था, ताकि परमाणु हमले जैसी आपातकालीन स्थिति में भी सुरक्षित संचार (Secure Communication) और डेटा साझाकरण (Data Sharing) निर्बाध रूप से जारी रह सके, भले ही नेटवर्क का कोई एक हिस्सा नष्ट हो जाए। ARPANET विश्व का पहला नेटवर्क था जिसने डेटा भेजने के लिए पैकेट स्विचिंग (Packet Switching) तकनीक का सफलतापूर्वक उपयोग किया था। 29 अक्टूबर 1969 को कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय, लॉस एंजिल्स (UCLA) और स्टैनफोर्ड रिसर्च इंस्टीट्यूट (Stanford Research Institute - SRI) के बीच इस नेटवर्क पर पहला संदेश "LO" भेजा गया था (जो असल में "LOGIN" होना था, लेकिन केवल दो अक्षर टाइप होने के बाद ही सिस्टम क्रैश हो गया था)। इसी ऐतिहासिक नेटवर्क ने आगे चलकर टीसीपी/आईपी (Transmission Control Protocol/Internet Protocol - TCP/IP) संचार नियमों को अपनाया और आज के विशाल वैश्विक 'इंटरनेट' की मजबूत नींव रखी।

देसी उदाहरण (Deshi Analogy): पैकेट स्विचिंग प्रणाली (Packet Switching System)

मान लीजिए आपको एक बहुत ही मोटी और महत्वपूर्ण किताब (Data) दिल्ली से मुंबई भेजनी है। अगर आप पूरी किताब एक साथ एक ही डाकिये के माध्यम से भेजते हैं और वह रास्ते में खो जाती है या डाकिया रास्ता भूल जाता है, तो आपको बहुत नुकसान होगा। इसके बजाय, आप उस किताब के पन्नों को अलग-अलग करते हैं, हर पन्ने को एक छोटे लिफाफे (Packet) में डालते हैं, उन पर क्रम संख्या और प्राप्तकर्ता का पता (IP Address) लिखते हैं, और उन्हें अलग-अलग रास्तों (Routes) से भेजते हैं। जो पन्ना जिस रास्ते से जल्दी पहुँच सकता है, वह उसी रास्ते से जाता है। मुंबई पहुँचने पर, प्राप्तकर्ता उन क्रम संख्याओं को देखकर वापस पूरी किताब तैयार कर लेता है। ARPANET ने कंप्यूटर डेटा सुरक्षित और तेज़ी से भेजने के लिए बिल्कुल यही 'पैकेट स्विचिंग' (Packet Switching) तकनीक ईजाद की थी, जो आज भी इंटरनेट का आधार है।

चित्र (Diagram): इंटरनेट के विकास का कालक्रम (Evolution Timeline of the Internet)

timeline title इंटरनेट का क्रमिक विकास (Evolution of the Internet) 1969 : ARPANET की शुरुआत : विश्व का पहला पैकेट स्विचिंग नेटवर्क स्थापित। 1971 : पहला ईमेल (First Email) : रे टॉमलिंसन द्वारा '@' प्रतीक का उपयोग करके भेजा गया। 1983 : TCP/IP का जन्म : ARPANET ने इसे मानक प्रोटोकॉल के रूप में अपनाया (आधुनिक इंटरनेट का जन्म)। 1989 : WWW का आविष्कार : टिम बर्नर्स-ली ने 'वर्ल्ड वाइड वेब' (World Wide Web) का प्रस्ताव रखा। 1990 : ARPANET की समाप्ति : इसे आधिकारिक तौर पर बंद कर दिया गया और कमर्शियल इंटरनेट ने इसकी जगह ली।

सभी विकल्पों का 360° एनालिसिस (360° Analysis of Options)

प्रतियोगी परीक्षाओं में परीक्षक (Examiner) अक्सर मिलते-जुलते नेटवर्किंग शब्दों का उपयोग करके 'डिकॉय विकल्प' (Decoy Options) बनाते हैं ताकि उन छात्रों को बाहर किया जा सके जो केवल रटकर आते हैं। आगामी परीक्षाओं में ये गलत विकल्प स्वयं एक नया प्रश्न बन सकते हैं। आइए इन सभी तकनीकी शब्दों का गहराई से विश्लेषण करें:

A) वाई-फाई (Wi-Fi)

  • यह क्या है (What does it mean?): वाई-फाई (Wireless Fidelity - Wi-Fi) एक वायरलेस नेटवर्किंग तकनीक (Wireless Networking Technology) है जो रेडियो तरंगों (Radio Waves) का उपयोग करके उपकरणों (Devices) को उच्च गति के इंटरनेट और स्थानीय नेटवर्क (Local Area Network - LAN) से जोड़ती है। यह IEEE 802.11 मानकों पर आधारित है। इसे 1990 के दशक के अंत में विकसित किया गया था और 1999 में वाई-फाई एलायंस (Wi-Fi Alliance) द्वारा आधिकारिक रूप से यह नाम दिया गया।
  • यह गलत क्यों है? (Why is it wrong?): समय-काल (Timeline) के अनुसार यह विकल्प पूरी तरह गलत है। प्रश्न 1969 की बात कर रहा है, जबकि वाई-फाई का आविष्कार इसके लगभग तीन दशक बाद हुआ। इसके अलावा, वाई-फाई केवल एक 'स्थानीय वायरलेस माध्यम' (Local Wireless Medium) है, यह कोई विस्तृत वैश्विक नेटवर्क (Global Network) नहीं है जिसने इंटरनेट की शुरुआत की हो।

B) ईथरनेट (Ethernet)

  • यह क्या है (What does it mean?): ईथरनेट (Ethernet) वायर्ड लोकल एरिया नेटवर्क (Wired LAN), मेट्रोपॉलिटन एरिया नेटवर्क (MAN) और वाइड एरिया नेटवर्क (WAN) में कंप्यूटरों को भौतिक रूप से जोड़ने की सबसे पारंपरिक और लोकप्रिय तकनीक है। इसका आविष्कार 1973 में जेरोक्स पार्क (Xerox PARC) में बॉब मेटकाफ (Bob Metcalfe) द्वारा किया गया था। यह IEEE 802.3 मानक पर कार्य करता है।
  • यह गलत क्यों है? (Why is it wrong?): ईथरनेट का विकास 1973 में हुआ था, 1969 में नहीं। दूसरी तकनीकी बात यह है कि ईथरनेट डेटा लिंक लेयर (Data Link Layer) पर काम करने वाला एक 'लैन प्रोटोकॉल' (LAN Protocol) है जो एक ही बिल्डिंग या कैंपस में कंप्यूटरों को जोड़ता है। यह इंटरनेट का पहला संस्करण (First Version) नहीं था, बल्कि इंटरनेट तक पहुँचने का एक 'माध्यम' (Medium) मात्र है।

C) इंट्रानेट (Intranet)

  • यह क्या है (What does it mean?): इंट्रानेट (Intranet) एक निजी कॉर्पोरेट नेटवर्क (Private Corporate Network) होता है जो केवल किसी एक विशिष्ट संगठन (Organization), कंपनी या संस्था के कर्मचारियों तक ही सीमित होता है। यह इंटरनेट प्रोटोकॉल (TCP/IP) का ही उपयोग करता है, लेकिन इसे बाहरी दुनिया से सुरक्षित रखने के लिए फ़ायरवॉल (Firewall) के पीछे रखा जाता है। उदाहरण के लिए, किसी बैंक का अपना आंतरिक नेटवर्क जहाँ केवल उनके कर्मचारी ही लॉग-इन कर सकते हैं।
  • यह गलत क्यों है? (Why is it wrong?): इंट्रानेट 1990 के दशक में लोकप्रिय हुआ एक 'कांसेप्ट' (Concept) है। यह कोई ऐतिहासिक नेटवर्क का नाम नहीं है। इंटरनेट एक सार्वजनिक (Public) और वैश्विक (Global) नेटवर्क है, जबकि इंट्रानेट पूरी तरह से निजी (Private) होता है। इसलिए, यह आधुनिक इंटरनेट का पूर्ववर्ती (Predecessor) नहीं हो सकता।

इंटरनेट का इतिहास और तकनीकी संरचना (History and Technical Structure of Internet in Hindi) - Short Notes

प्रतियोगी परीक्षाओं (विशेष रूप से UPSC, UPSSSC और RRB NTPC) में अब कंप्यूटर के सामान्य प्रश्न नहीं पूछे जाते, बल्कि नेटवर्किंग के इतिहास और उनके तकनीकी पहलुओं (Technical Aspects) से गहराई वाले प्रश्न बनते हैं। आइए इस पूरे विषय का एक्स-रे (X-Ray) करें ताकि इंटरनेट के उद्भव (Evolution) का कोई भी तथ्य आपसे न छूटे।

1. इंटरनेट की उत्पत्ति और क्रमिक विकास (Origin and Evolution of Internet)

इंटरनेट रातों-रात नहीं बना, बल्कि यह कई दशकों के अनुसंधान (Research) का परिणाम है। इसके विकास के मुख्य चरण निम्नलिखित हैं:

  • एआरपीएएनईटी (ARPANET - 1969): अमेरिकी रक्षा विभाग (US Department of Defense) द्वारा स्थापित विश्व का पहला ऑपरेशनल नेटवर्क (Operational Network)। इसने पहली बार पैकेट स्विचिंग (Packet Switching) तकनीक का उपयोग किया था। इसका पहला सफल संदेश "LO" (जो LOGIN का अधूरा रूप था) UCLA और स्टैनफोर्ड (Stanford) के बीच भेजा गया था।
  • टीसीपी/आईपी का आविष्कार (Invention of TCP/IP - 1970s): दो वैज्ञानिकों, विंट सर्फ (Vint Cerf) और बॉब कान (Bob Kahn) ने ट्रांसमिशन कंट्रोल प्रोटोकॉल/इंटरनेट प्रोटोकॉल (Transmission Control Protocol/Internet Protocol) का निर्माण किया। यह वह नियम-पुस्तिका (Rulebook) थी जिसने अलग-अलग कंप्यूटरों को एक-दूसरे से बात करने में सक्षम बनाया। इसी महान आविष्कार के कारण विंट सर्फ को "इंटरनेट का जनक" (Father of the Internet) कहा जाता है। 1983 में ARPANET ने आधिकारिक रूप से TCP/IP को अपना लिया, जिसे आधुनिक इंटरनेट का जन्म माना जाता है।
  • एनएसएफनेट (NSFNET - 1986): नेशनल साइंस फाउंडेशन नेटवर्क (National Science Foundation Network) ने ARPANET की तुलना में बहुत उच्च गति (High Speed) की बैंडविड्थ प्रदान की और विश्वविद्यालयों को आपस में जोड़ा। 1990 में ARPANET को बंद कर दिया गया और NSFNET ने मुख्य बैकबोन (Main Backbone) का रूप ले लिया।

2. इंटरनेट बनाम वर्ल्ड वाइड वेब (Internet vs World Wide Web)

छात्र अक्सर इंटरनेट और वेब (Web) को एक ही समझ लेते हैं, जो तकनीकी रूप से बहुत बड़ी भूल है।

  • इंटरनेट (The Internet): यह हार्डवेयर और नेटवर्किंग इंफ्रास्ट्रक्चर (Hardware and Networking Infrastructure) है—यानी दुनिया भर में फैले हुए तारों, राउटरों (Routers) और सर्वरों (Servers) का भौतिक जाल (Physical Web)।
  • वर्ल्ड वाइड वेब (WWW - 1989): इसका आविष्कार टिम बर्नर्स-ली (Tim Berners-Lee) ने CERN (स्विट्ज़रलैंड) में किया था। यह सॉफ्टवेयर (Software) का हिस्सा है। यह इंटरनेट पर मौजूद सूचनाओं, वेबसाइटों (Websites) और हाइपरलिंक (Hyperlinks) का वह संग्रह है जिसे हम वेब ब्राउज़र (Web Browser) के माध्यम से एक्सेस करते हैं। सरल शब्दों में, इंटरनेट 'सड़क' (Road) है और WWW उस पर चलने वाले 'वाहन' (Vehicles) हैं।

3. भारत में इंटरनेट का इतिहास (History of Internet in India - High Yield Facts)

राज्य स्तरीय परीक्षाओं (State PCS/UPSSSC) के लिए भारत के संदर्भ में ये तथ्य अचूक हैं:

  • पहला नेटवर्क (First Network in India): भारत में पहला प्रायोगिक नेटवर्क ईआरनेट (Education and Research Network - ERNET) था। भारत का पहला ईमेल (First Email) 1987 में ERNET के माध्यम से ही नेशनल सेंटर फॉर सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी (NCST) बॉम्बे और IIT बॉम्बे के बीच भेजा गया था।
  • सार्वजनिक इंटरनेट (Public Internet): भारत में आम जनता के लिए इंटरनेट सेवा आधिकारिक रूप से 15 अगस्त 1995 को वीएसएनएल (Videsh Sanchar Nigam Limited - VSNL) द्वारा शुरू की गई थी।

4. डेटा ट्रांसमिशन की दो मुख्य तकनीकें (Two Main Techniques of Data Transmission)

  • सर्किट स्विचिंग (Circuit Switching): यह पुरानी टेलीफोन लाइनों (Telephone Lines) में इस्तेमाल होती थी। इसमें प्रेषक और प्राप्तकर्ता के बीच एक समर्पित और भौतिक मार्ग (Dedicated Physical Path) स्थापित किया जाता है।
  • पैकेट स्विचिंग (Packet Switching): यह आधुनिक इंटरनेट की जान है। इसमें बड़े डेटा को छोटे-छोटे टुकड़ों में तोड़ दिया जाता है, जिन्हें 'पैकेट' (Packets) कहते हैं। प्रत्येक पैकेट में गंतव्य का पता (IP Address) होता है और वे राउटर (Router) के माध्यम से सबसे छोटे और सबसे खाली रास्ते से अपनी मंजिल तक पहुँचते हैं।

इस इन्फोग्राफिक में इंटरनेट के क्रमिक विकास के ऐतिहासिक कालक्रम को 1969 के ARPANET से लेकर 1989 के वर्ल्ड वाइड वेब और 1995 में भारत में इंटरनेट की शुरुआत तक स्पष्ट रूप से दर्शाया गया है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।

इंटरनेट, इंट्रानेट और एक्स्ट्रानेट के बीच तकनीकी अंतर (Technical Difference Between Internet, Intranet & Extranet) - एक्सक्लूसिव मास्टर टेबल

परीक्षा के विकल्पों में अक्सर 'इंट्रानेट' (Intranet) और 'इंटरनेट' (Internet) को एक साथ देकर भ्रमित किया जाता है। यह मास्टर टेबल आपकी अवधारणाओं को पूरी तरह से स्पष्ट कर देगी और आपको दूसरों से "दो कदम आगे (Two Steps Ahead)" रखेगी।

तुलना का आधार (Basis of Comparison) इंटरनेट (The Internet) इंट्रानेट (The Intranet) एक्स्ट्रानेट (The Extranet)
परिभाषा (Definition) यह दुनिया भर के कंप्यूटरों का एक विशाल, सार्वजनिक नेटवर्क (Public Network) है। यह किसी एक संस्था या कंपनी के भीतर का निजी नेटवर्क (Private Network) है। यह एक इंट्रानेट है जिसे सुरक्षित रूप से बाहरी अधिकृत लोगों (जैसे सप्लायर्स या ग्राहकों) के लिए खोला जाता है।
पहुँच (Accessibility) कोई भी व्यक्ति जिसके पास इंटरनेट कनेक्शन है, इसे एक्सेस कर सकता है (Global Access)। केवल उस विशिष्ट कंपनी के कर्मचारी ही इसे एक्सेस कर सकते हैं (Restricted Access)। कंपनी के कर्मचारी और चुनिंदा बाहरी भागीदार (Partners/Vendors) ही इसे एक्सेस कर सकते हैं।
सुरक्षा स्तर (Security Level) यह सबसे कम सुरक्षित (Least Secure) है, क्योंकि यह सभी के लिए खुला है और हैकिंग (Hacking) का खतरा अधिक होता है। यह अत्यधिक सुरक्षित (Highly Secure) है, क्योंकि यह फ़ायरवॉल (Firewall) द्वारा बाहरी दुनिया से कटा रहता है। यह भी सुरक्षित (Secure) है, लेकिन बाहरी पहुँच के कारण इंट्रानेट से थोड़ा कम सुरक्षित है। इसमें वीपीएन (VPN) का भारी उपयोग होता है।
उपयोग का उद्देश्य (Purpose of Use) वैश्विक स्तर पर सूचनाओं का आदान-प्रदान, मनोरंजन और वाणिज्य (E-commerce)। कंपनी के भीतर गोपनीय डेटा साझा करना, कर्मचारी पोर्टल और आंतरिक संचार (Internal Communication)। बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) संचार, इन्वेंट्री चेक करना और सप्लायर चेन मैनेजमेंट (Supply Chain Management)।
स्वामित्व (Ownership) इसका कोई एक मालिक नहीं है (No Single Owner)। यह एक विकेंद्रीकृत (Decentralized) नेटवर्क है। इसका स्वामित्व एक एकल संगठन (Single Organization or Company) के पास होता है। इसका स्वामित्व भी एकल संगठन के पास होता है, लेकिन वह इसे दूसरों के साथ साझा करता है।
परीक्षा के लिए हाई-यील्ड तथ्य (High-Yield Exam Fact) इंटरनेट लैन, मैन और वैन (LAN, MAN, WAN) का सबसे बड़ा संयोजन (Largest Combination) है। इंट्रानेट आमतौर पर एक लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) तक ही सीमित होता है। एक्स्ट्रानेट इंट्रानेट का विस्तारित रूप है, जो सुरक्षित संचार के लिए वीपीएन (Virtual Private Network - VPN) टनल का उपयोग करता है।

इंटरनेट के विकास का कालक्रम याद रखने की देसी ट्रिक (A 'Desi' Trick to Remember the Evolution of Internet)

इंटरनेट का क्रमिक विकास (Evolution) अक्सर परीक्षाओं में कालक्रम (Chronology) के रूप में पूछ लिया जाता है, जहाँ छात्र वर्षों और आविष्कारों के बीच उलझ जाते हैं। इसे आसानी से याद रखने के लिए हम एक बहुत ही सरल कहानी या देसी ट्रिक (Deshi Trick) का उपयोग कर सकते हैं।

ट्रिक (Trick): "अरपा ने टीसी ली और वेब पर छा गई।"

अब इसका अर्थ (Meaning) समझें:

कल्पना करें कि 'अरपा' नाम की एक लड़की है जिसने स्कूल से अपनी टीसी (Transfer Certificate) ली और फिर इंटरनेट की दुनिया (Web) में मशहूर हो गई।

  • अरपा (ARPA): इससे एआरपीएएनईटी (ARPANET - 1969) याद रखें, जो इंटरनेट का सबसे पहला और बुनियादी रूप था।
  • टीसी (TC): इससे टीसीपी/आईपी (TCP/IP - 1983) याद रखें। इसी वर्ष इस प्रोटोकॉल को अपनाया गया था, जिसे आधुनिक इंटरनेट का जन्म माना जाता है।
  • वेब (Web): इससे वर्ल्ड वाइड वेब (WWW - 1989) याद रखें, जिसका आविष्कार टिम बर्नर्स-ली ने किया था और जिसने इंटरनेट को आम लोगों के लिए विज़ुअल (Visual) और आसान बना दिया।

इंटरनेट और संचार से जुड़ी समसामयिक घटनाएँ (Current Affairs related to Internet and Communication)

परीक्षाओं में अब स्थिर नेटवर्किंग (Static Networking) के साथ-साथ संचार प्रौद्योगिकी (Communication Technology) के वर्तमान घटनाक्रमों को जोड़कर प्रश्न पूछे जाते हैं। पिछले कुछ समय के सबसे महत्वपूर्ण अपडेट्स निम्नलिखित हैं:

  • नया दूरसंचार अधिनियम (New Telecommunications Act): भारत सरकार ने 138 साल पुराने 'भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885' (Indian Telegraph Act, 1885) को समाप्त करके नया दूरसंचार अधिनियम लागू किया है। यह इंटरनेट शटडाउन (Internet Shutdown), सैटेलाइट ब्रॉडबैंड (Satellite Broadband) आवंटन और राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में इंटरनेट के उपयोग को पूरी तरह से नए सिरे से परिभाषित करता है।
  • भारत में सैटेलाइट इंटरनेट (Satellite Internet in India): केबल और फाइबर से परे, अब भारत में अंतरिक्ष-आधारित इंटरनेट (Space-based Internet) क्रांति शुरू हो गई है। हाल ही में 'जियो स्पेसफाइबर' (Jio SpaceFiber) और 'यूटेलसैट वनवेब' (Eutelsat OneWeb) जैसी कंपनियों को भारत के दूरदराज और दुर्गम इलाकों में सीधे सैटेलाइट (Satellite) के माध्यम से हाई-स्पीड इंटरनेट (High-Speed Internet) प्रदान करने की मंजूरी मिली है।
  • भारतनेट का विस्तार (Expansion of BharatNet): डिजिटल इंडिया (Digital India) के तहत ग्रामीण स्तर पर ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क (Optical Fiber Network) बिछाने की 'भारतनेट फेज-3' (BharatNet Phase-3) परियोजना तीव्र गति से चल रही है, जिसका लक्ष्य देश की सभी 2.5 लाख ग्राम पंचायतों (Gram Panchayats) को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ना है।

आपके लिए आज का सवाल (Today's question for you)

अपनी तैयारी का स्तर और बेहतर करने के लिए इस प्रश्न का उत्तर नीचे कमेंट बॉक्स (Comment Box) में दें।

प्रश्न (Question): वर्ल्ड वाइड वेब (World Wide Web) के संदर्भ में, वह पहला ग्राफिकल वेब ब्राउज़र (Graphical Web Browser) कौन सा था जिसे आम जनता के लिए उपलब्ध कराया गया था और जिसने इंटरनेट को लोकप्रिय बनाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई? (In the context of the World Wide Web, which was the first graphical web browser made available to the general public that played the biggest role in popularizing the internet?)

  1. नेक्सस (Nexus)
  2. मोज़ेक (Mosaic)
  3. इंटरनेट एक्सप्लोरर (Internet Explorer)
  4. नेटस्केप नेविगेटर (Netscape Navigator)
  5. उपर्युक्त में से कोई नहीं (None of the above)

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

पैकेट स्विचिंग और सर्किट स्विचिंग में सबसे बड़ा अंतर क्या है?

सर्किट स्विचिंग में डेटा भेजने के लिए एक समर्पित भौतिक मार्ग स्थापित किया जाता है, जैसे पुराने टेलीफोन कनेक्शन में। जब तक कॉल चालू रहती है, वह लाइन व्यस्त रहती है। इसके विपरीत, पैकेट स्विचिंग में डेटा को छोटे पैकेटों में तोड़ दिया जाता है और वे नेटवर्क में उपलब्ध सबसे तेज़ रास्ते से स्वतंत्र रूप से यात्रा करते हैं। आधुनिक इंटरनेट पूरी तरह से पैकेट स्विचिंग पर आधारित है।

आईपी एड्रेस और मैक एड्रेस के बीच मुख्य अंतर क्या है?

मैक एड्रेस (मीडिया एक्सेस कंट्रोल) किसी डिवाइस का एक स्थायी और भौतिक हार्डवेयर पता होता है जो निर्माता द्वारा नेटवर्क इंटरफेस कार्ड (NIC) पर चिपकाया जाता है, यह कभी नहीं बदलता। इसके विपरीत, आईपी एड्रेस (इंटरनेट प्रोटोकॉल) एक तार्किक पता है जो आपके नेटवर्क या इंटरनेट सर्विस प्रोवाइडर द्वारा दिया जाता है। जब आप अपना स्थान या नेटवर्क बदलते हैं, तो आपका आईपी एड्रेस बदल जाता है।

डार्क वेब और डीप वेब में क्या अंतर है?

डीप वेब इंटरनेट का वह हिस्सा है जिसे गूगल या बिंग जैसे सामान्य सर्च इंजन इंडेक्स नहीं कर सकते, जैसे कि आपके बैंक खाते का ऑनलाइन पोर्टल या आपके ईमेल का इनबॉक्स। यह पूरी तरह सुरक्षित और वैध है। डार्क वेब इसी डीप वेब का एक छोटा, एन्क्रिप्टेड और छिपा हुआ हिस्सा है जिसे केवल 'टोर' (Tor) जैसे विशेष वेब ब्राउज़र से ही एक्सेस किया जा सकता है। इसका उपयोग अक्सर गुमनाम रहने और अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है।

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