आज हम कंप्यूटर नेटवर्किंग (Computer Networking) और संचार प्रौद्योगिकी (Communication Technology) के एक बेहद महत्वपूर्ण प्रश्न का 360-डिग्री एनालिसिस (360-Degree Analysis) करने जा रहे हैं। यह प्रश्न 10 जनवरी 2020 को आयोजित UPSSSC कंप्यूटर ऑपरेटर (Computer Operator) परीक्षा में पूछा गया था। डेटा ट्रांसमिशन (Data Transmission) और नेटवर्किंग मीडिया (Networking Media) से जुड़े ऐसे वैचारिक प्रश्न UPSSSC, RRB NTPC, और UP Police परीक्षाओं में बार-बार पूछे जाते हैं। यदि आप इन उच्च-बैंडविड्थ (High-Bandwidth) तकनीकों की वैज्ञानिक कार्यप्रणाली को गहराई से नहीं समझते हैं, तो यह आपकी परीक्षा की तैयारी के लिए अत्यधिक नुकसानदायक हो सकता है।
आज का प्रश्न (Today's Question)
प्रश्न (Question): डेटा संचार के लिए फाइबर विद्युत की अपेक्षा ________ पर निर्भर होता है, जो अति उच्च गति के उन इंटरनेट संयोजनों की सुविधाएँ प्रदान करता/ती है जो उच्च बैंडविड्थ संभालने में सक्षम होते हैं। (Fiber relies on _______ instead of electricity to transmit data, which facilitates much faster internet connections that are capable of handling higher bandwidth.)
- A. विद्युत् (electricity)
- B. प्रकाश (light)
- C. विद्युत्-चुंबकत्व (electromagnetism)
- D. चुंबकत्व (magnetism)
प्रश्न कुंडली (Question Analysis)
- कठिनाई (Difficulty): आसान से मध्यम (Easy to Moderate)
- मुख्य विषय (Core Chapter): कंप्यूटर नेटवर्किंग एवं संचार (Computer Networking & Communication)
- उप-विषय (Sub-topic): ट्रांसमिशन मीडिया / निर्देशित मीडिया (Transmission Media / Guided Media)
- प्रश्न की प्रकृति (Question Nature): तथ्यात्मक एवं वैचारिक (Factual & Conceptual)
- आदर्श समय (Ideal Time): 15-20 सेकंड (Seconds)
- औसत सफलता दर (Avg. Success Rate): 75-80%
- परीक्षा स्रोत (Exam Source): UPSSSC Computer Operator Exam (10 Jan 2020)
सही उत्तर और व्याख्या (Answer & Deep Explanation)
सही उत्तर है (Correct Answer): B. प्रकाश (light)
विस्तृत व्याख्या (Deep Explanation):
ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fiber) वर्तमान समय में डेटा संचार (Data Communication) की सबसे आधुनिक, सुरक्षित और तेज़ निर्देशित मीडिया (Guided Media) तकनीक है। पारंपरिक ट्विस्टेड पेयर (Twisted Pair) या कोएक्सियल केबल (Coaxial Cable) में डेटा का प्रवाह विद्युत संकेतों (Electrical Signals/Electrons) के रूप में तांबे के तारों (Copper Wires) से होता है। इन विद्युत तारों में दो बड़ी कमियां होती हैं: पहला, दूरी बढ़ने पर ऊर्जा का ह्रास होता है (जिसे क्षीणन या Attenuation कहते हैं), और दूसरा, ये बाहरी विद्युत-चुंबकीय क्षेत्रों से प्रभावित होते हैं (जिसे विद्युत-चुंबकीय हस्तक्षेप या Electromagnetic Interference - EMI कहते हैं)।
इसके विपरीत, फाइबर ऑप्टिक केबल डेटा को ले जाने के लिए प्रकाश (Light / Photons) का उपयोग करते हैं। प्रकाश का उपयोग करने के कारण इनमें बैंडविड्थ (Bandwidth) बहुत अधिक होती है और ये EMI से पूरी तरह सुरक्षित होते हैं।
वैज्ञानिक सिद्धांत (Scientific Principle):
यह तकनीक भौतिकी के एक बहुत ही महत्वपूर्ण सिद्धांत, "पूर्ण आंतरिक परावर्तन" (Total Internal Reflection - TIR) पर कार्य करती है। जब प्रकाश की किरण (Light Ray) किसी सघन माध्यम (Denser Medium) से विरल माध्यम (Rarer Medium) की ओर जाती है और उसका आपतन कोण (Angle of Incidence) क्रांतिक कोण (Critical Angle) से अधिक हो जाता है, तो प्रकाश दूसरे माध्यम में जाने के बजाय उसी माध्यम में वापस परावर्तित (Reflect) हो जाता है।
ऑप्टिकल फाइबर की मुख्य संरचना (Main Structure of Optical Fiber):
- क्रोड (Core): यह सबसे आंतरिक बाल-समान पतला भाग होता है जो उच्च गुणवत्ता वाले शुद्ध कांच (Silica Glass) या प्लास्टिक का बना होता है। इसी क्रोड (Core) के अंदर से प्रकाश (Light) यात्रा करता है। इसका अपवर्तनांक (Refractive Index) हमेशा उच्च रखा जाता है।
- क्लैडिंग (Cladding): यह क्रोड को चारों ओर से ढकने वाली परत होती है। इसका अपवर्तनांक (Refractive Index) क्रोड की तुलना में जानबूझकर कम (Lower) रखा जाता है। यही वह परत है जो प्रकाश को क्रोड से बाहर निकलने से रोकती है और पूर्ण आंतरिक परावर्तन (Total Internal Reflection) सुनिश्चित करती है।
- बफर कोटिंग / जैकेट (Buffer Coating / Jacket): यह बाहरी पॉलीयूरेथेन (Polyurethane) या प्लास्टिक की परत होती है जो अंदर के नाजुक फाइबर को नमी (Moisture), झटके और शारीरिक नुकसान (Physical Damage) से बचाती है।
देसी उदाहरण (Deshi Analogy): पानी की नली में टॉर्च का प्रकाश
मान लीजिए कि आपके पास एक प्लास्टिक की लंबी और अंदर से चमकदार नली है। अगर आप रात के अंधेरे में नली के एक सिरे से टॉर्च जलाते हैं, तो रोशनी नली की दीवारों से टकराती हुई (परावर्तित होकर) दूसरे सिरे तक झट से पहुँच जाती है, चाहे नली कितनी भी टेढ़ी-मेढ़ी क्यों न हो। ठीक इसी तरह, फाइबर केबल में लेज़र (Laser) या लाइट एमिटिंग डायोड (LED) द्वारा उत्पन्न डिजिटल प्रकाश की किरणें, ऑप्टिकल फाइबर के अंदर बिना किसी रुकावट के मीलों दूर तक बहुत ही तेज़ गति से यात्रा करती हैं।
चित्र (Diagram): ऑप्टिकल फाइबर की कार्यप्रणाली (Working Mechanism of Optical Fiber)
सभी विकल्पों का 360° एनालिसिस (360° Analysis of Options)
प्रतियोगी परीक्षाओं में 'डिकॉय' (Decoy) या भटकाने वाले विकल्पों का विश्लेषण करना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि आज जो विकल्प गलत है, वह कल की परीक्षा में एक नया प्रश्न बन सकता है। संचार प्रौद्योगिकी (Communication Technology) में प्रयुक्त होने वाले इन भौतिक माध्यमों और सिद्धांतों का तकनीकी विश्लेषण निम्नलिखित है:
A. विद्युत् (Electricity)
- यह क्या है (What does it mean?): नेटवर्क संचार (Network Communication) में विद्युत (Electricity) या इलेक्ट्रॉनों (Electrons) के प्रवाह का उपयोग पारंपरिक तांबे के तारों (Copper Wires) में किया जाता है। इसके प्रमुख उदाहरण 'मुड़ जोड़ी केबल' (Twisted Pair Cable - जैसे LAN/Ethernet केबल) और 'समाक्षीय केबल' (Coaxial Cable - जैसे केबल टीवी की तार) हैं। इनमें डेटा को वोल्टेज (Voltage) में उतार-चढ़ाव करके भेजा जाता है।
- यह गलत क्यों है? (Why is it wrong?): प्रश्न में स्पष्ट रूप से पूछा गया है कि "फाइबर विद्युत की अपेक्षा किस पर निर्भर होता है"। फाइबर ऑप्टिक केबल (Fiber Optic Cable) कांच या प्लास्टिक से बने होते हैं, जो विद्युत के कुचालक (Insulators) होते हैं। इसलिए, इनमें विद्युत (Electricity) प्रवाहित नहीं हो सकती। विद्युत आधारित केबलों की बैंडविड्थ (Bandwidth) कम होती है और वे 'विद्युत-चुंबकीय हस्तक्षेप' (Electromagnetic Interference - EMI) के प्रति संवेदनशील होते हैं, जबकि फाइबर केबल इन दोनों समस्याओं से मुक्त होते हैं।
C. विद्युत्-चुंबकत्व (Electromagnetism)
- यह क्या है (What does it mean?): विद्युत्-चुंबकत्व (Electromagnetism) वह भौतिक सिद्धांत है जिसके तहत 'विद्युत-चुंबकीय तरंगें' (Electromagnetic Waves) अंतरिक्ष या हवा में यात्रा करती हैं। कंप्यूटर नेटवर्किंग में, इसका उपयोग 'अनिर्देशित मीडिया' (Unguided Media) या वायरलेस संचार (Wireless Communication) में होता है। वाई-फाई (Wi-Fi), ब्लूटूथ (Bluetooth), रेडियो तरंगें (Radio Waves), माइक्रोवेव (Microwaves) और सैटेलाइट संचार (Satellite Communication) सभी इसी सिद्धांत पर कार्य करते हैं।
- यह गलत क्यों है? (Why is it wrong?): यद्यपि तकनीकी भौतिकी (Technical Physics) में प्रकाश भी एक प्रकार की विद्युत-चुंबकीय तरंग (Electromagnetic Wave) है, लेकिन नेटवर्किंग के संदर्भ में 'विद्युत्-चुंबकत्व' (Electromagnetism) शब्द का प्रयोग वायरलेस या अनिर्देशित ट्रांसमिशन (Unguided Transmission) के लिए किया जाता है। फाइबर ऑप्टिक्स एक 'निर्देशित मीडिया' (Guided Media) है जो विशेष रूप से भौतिक केबल के अंदर केवल 'प्रकाश' (Light) के परावर्तन पर निर्भर करता है। इसलिए नेटवर्किंग शब्दावली के अनुसार यह विकल्प यहाँ सटीक नहीं है।
D. चुंबकत्व (Magnetism)
- यह क्या है (What does it mean?): चुंबकत्व (Magnetism) का उपयोग कंप्यूटर सिस्टम में डेटा संचार (Data Communication) के लिए नहीं, बल्कि डेटा भंडारण (Data Storage) के लिए किया जाता है। 'हार्ड डिस्क ड्राइव' (Hard Disk Drive - HDD), 'फ्लॉपी डिस्क' (Floppy Disk), और 'मैग्नेटिक टेप' (Magnetic Tape) जैसी स्टोरेज डिवाइस डेटा (0 और 1) को स्टोर करने के लिए लौह-चुंबकीय सामग्री (Ferromagnetic Material) की ध्रुवीयता (Polarity) को बदलती हैं।
- यह गलत क्यों है? (Why is it wrong?): चुंबकत्व डेटा को 'स्टोर' (Store) करने की तकनीक है, डेटा को 'ट्रांसमिट' (Transmit) करने की नहीं। फाइबर ऑप्टिक केबल (Fiber Optic Cable) में कोई चुंबकीय घटक (Magnetic Component) नहीं होता है, और यही कारण है कि वे उच्च वोल्टेज लाइनों (High Voltage Lines) या भारी मोटरों के पास से गुजरने पर भी बाहरी चुंबकीय क्षेत्रों (Magnetic Fields) से पूरी तरह अप्रभावित (Immune) रहते हैं।
ट्रांसमिशन मीडिया और ऑप्टिकल फाइबर (Transmission Media & Optical Fiber) - Short Notes
प्रतियोगी परीक्षाओं में डेटा संचार (Data Communication) और नेटवर्किंग मीडिया (Networking Media) से अक्सर गहरे तकनीकी प्रश्न पूछे जाते हैं। मैं आपको वह कंटेंट दे रहा हूँ जो आपको सामान्य पुस्तकों से नहीं मिलेगा। आइए इस अध्याय का एक्स-रे (X-Ray) करें।
1. ट्रांसमिशन मीडिया (Transmission Media) क्या है?
कंप्यूटर नेटवर्क में प्रेषक (Sender) और प्राप्तकर्ता (Receiver) के बीच डेटा (Data) को ले जाने वाले भौतिक या अभौतिक मार्ग को ट्रांसमिशन मीडिया कहा जाता है। इसे मुख्य रूप से दो भागों में बांटा गया है:
- निर्देशित मीडिया (Guided Media / Wired): इसमें डेटा एक भौतिक तार (Physical Wire) के अंदर एक दिशा में बहता है। इसके तीन मुख्य प्रकार हैं: मुड़ जोड़ी केबल (Twisted Pair), समाक्षीय केबल (Coaxial Cable), और ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fiber)।
- अनिर्देशित मीडिया (Unguided Media / Wireless): इसमें डेटा बिना किसी भौतिक तार के हवा या वैक्यूम के माध्यम से विद्युत-चुंबकीय तरंगों (Electromagnetic Waves) के रूप में यात्रा करता है। इसके प्रकार हैं: रेडियो तरंगें (Radio Waves), माइक्रोवेव (Microwaves), और इंफ्रारेड (Infrared)।
2. ऑप्टिकल फाइबर का उन्नत वर्गीकरण (Advanced Classification of Optical Fiber)
परीक्षाओं में अक्सर 'सिंगल-मोड' और 'मल्टी-मोड' के बीच फंसाया जाता है। प्रकाश के प्रसार (Propagation of Light) के आधार पर फाइबर केबल दो प्रकार के होते हैं:
- सिंगल-मोड फाइबर (Single-Mode Fiber - SMF):
- क्रोड (Core) का आकार: इसका कोर बहुत पतला (लगभग 8 से 10 माइक्रोमीटर) होता है।
- प्रकाश स्रोत (Light Source): इसमें डेटा भेजने के लिए अत्यधिक केंद्रित लेज़र (Laser) का उपयोग किया जाता है।
- विशेषता: चूंकि इसमें प्रकाश की केवल एक ही किरण (Single Beam) सीधी यात्रा करती है, इसलिए इसमें फैलाव (Dispersion) नहीं होता। इसका उपयोग लंबी दूरी के संचार (Long-distance Communication) जैसे समुद्र के नीचे बिछाई जाने वाली केबल (Submarine Cables) और टेलीफोन कंपनियों द्वारा किया जाता है।
- मल्टी-मोड फाइबर (Multi-Mode Fiber - MMF):
- क्रोड (Core) का आकार: इसका कोर SMF की तुलना में चौड़ा (लगभग 50 से 62.5 माइक्रोमीटर) होता है।
- प्रकाश स्रोत (Light Source): इसमें प्रकाश स्रोत के रूप में एलईडी (Light Emitting Diode - LED) का उपयोग किया जाता है।
- विशेषता: इसका बड़ा कोर प्रकाश की कई किरणों (Multiple Modes) को एक साथ यात्रा करने की अनुमति देता है। किरणें दीवारों से टकराकर (Zig-zag) चलती हैं। इसका उपयोग छोटी दूरी (Short-distance), जैसे एक ही बिल्डिंग या कैंपस (LAN/Campus Network) के भीतर डेटा ट्रांसफर के लिए किया जाता है।
3. परीक्षा के लिए 'हाई-यील्ड' तकनीकी शब्दावली (High-Yield Technical Terminology for Exams)
इन शब्दों का सटीक अर्थ समझे बिना नेटवर्किंग के प्रश्न हल करना मुश्किल है:
- क्षीणन (Attenuation): दूरी के साथ सिग्नल की शक्ति या ऊर्जा में होने वाली कमी को क्षीणन कहा जाता है। ऑप्टिकल फाइबर में क्षीणन सबसे कम (Lowest Attenuation) होता है।
- क्रॉसटॉक (Crosstalk): जब दो तारों के सिग्नल आपस में मिल जाते हैं (जैसे फोन पर बात करते समय किसी तीसरे की आवाज़ आना), तो उसे क्रॉसटॉक कहते हैं। ट्विस्टेड पेयर तारों को इसीलिए "मुड़ा (Twisted)" जाता है ताकि क्रॉसटॉक को कम किया जा सके।
- बैंडविड्थ (Bandwidth): एक निश्चित समय (प्रति सेकंड) में किसी नेटवर्क माध्यम से अधिकतम जितना डेटा (Bits) भेजा जा सकता है, उसे उस माध्यम की बैंडविड्थ कहते हैं। यह नेटवर्क की 'चौड़ाई' या 'क्षमता' है।
नेटवर्किंग केबल्स (Networking Cables): एक्सक्लूसिव मास्टर टेबल
यह मास्टर टेबल 'वायर्ड नेटवर्क मीडिया' (Wired Network Media) के सभी उन्नत पहलुओं की तुलना करती है। यह केवल ऊपरी जानकारी नहीं है, बल्कि इसमें वे गहरे तथ्य (Connectors, Signal Types) शामिल हैं जो सीधे Tiers-2 या Mains परीक्षाओं के 'स्टेटमेंट आधारित' (Statement-based) प्रश्नों में टकराते हैं।
| तकनीकी पैरामीटर (Technical Parameter) | मुड़ जोड़ी केबल (Twisted Pair Cable) | समाक्षीय केबल (Coaxial Cable) | ऑप्टिकल फाइबर (Optical Fiber) |
|---|---|---|---|
| सिग्नल का रूप (Signal Form) | विद्युत संकेत (Electrical Signals) | उच्च-आवृत्ति विद्युत संकेत (High-frequency Electrical) | प्रकाश तरंगें / फोटॉन (Light Waves / Photons) |
| आंतरिक चालक (Inner Conductor) | तांबे के तार (Copper Wires) | ठोस तांबे का तार (Solid Copper Wire) | सिलिका ग्लास या प्लास्टिक (Silica Glass or Plastic) |
| डेटा गति व बैंडविड्थ (Data Speed & Bandwidth) | सबसे कम (10 Mbps से 10 Gbps तक) | मध्यम (100 Mbps तक) | सबसे अधिक (100 Gbps से टेराबाइट/सेकंड तक) |
| EMI व क्रॉसटॉक का प्रभाव (Impact of EMI & Crosstalk) | अत्यधिक प्रभावित (Highly Affected), इसीलिए शील्डिंग (STP) की आवश्यकता होती है। | बाहरी जाली (Braided Shield) के कारण कम प्रभावित होता है। | शून्य प्रभाव (Immune)। चुंबकीय क्षेत्र इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकते। |
| क्षीणन / डेटा ह्रास (Attenuation) | बहुत अधिक। (लंबे नेटवर्क के लिए बार-बार 'रिपीटर' लगाने पड़ते हैं)। | मध्यम (ट्विस्टेड पेयर से बेहतर)। | बहुत कम। (मीलों तक रिपीटर के बिना डेटा जाता है)। |
| प्रमुख परीक्षा तथ्य: कनेक्टर (Key Exam Fact: Connectors) | यह RJ-45 (Registered Jack 45) कनेक्टर का उपयोग करता है। | यह BNC (Bayonet Neill–Concelman) कनेक्टर का उपयोग करता है। | यह SC, ST, LC (Subscriber/Straight/Lucent Connector) का उपयोग करता है। |
| प्राथमिक उपयोग (Primary Application) | स्थानीय क्षेत्र नेटवर्क (LAN) और ईथरनेट (Ethernet) में। | केबल टेलीविजन (Cable TV) और ब्रॉडबैंड इंटरनेट (Broadband) में। | इंटरनेट की रीढ़ (Internet Backbone) और 5G/6G टावर्स को जोड़ने में। |
ऑप्टिकल फाइबर की संरचना याद रखने की देसी ट्रिक (A 'Desi' Trick to Remember the Structure of Optical Fiber)
ऑप्टिकल फाइबर की आंतरिक संरचना और उनके कार्य (Refractive Index) अक्सर परीक्षा में पूछे जाते हैं और छात्र 'कोर' और 'क्लैडिंग' में कंफ्यूज हो जाते हैं। इसे याद रखने के लिए एक बहुत ही आसान देसी ट्रिक है:
ट्रिक (Trick): "कोर कली को जैकेट पहनाओ"
अब इसका मतलब (Meaning) समझें:
- कोर (Core): सबसे अंदर का मुख्य भाग। यह "कठोर या पावरफुल" (High Refractive Index) होता है। प्रकाश इसी के अंदर से गुजरता है।
- कली (Cladding - क्लैडिंग): यह कोर को ढकने वाली "कली" या कवर है। इसका अपवर्तनांक (Refractive Index) हमेशा कोर से कम (Low) होता है। यही वह परत है जो प्रकाश को बाहर जाने से रोककर 'पूर्ण आंतरिक परावर्तन (TIR)' कराती है।
- जैकेट (Jacket - बफर कोटिंग): सबसे बाहरी परत जो अंदर की नाजुक कांच की कली (फाइबर) को मौसम और झटकों से बचाती है।
ऑप्टिकल फाइबर से जुड़ी समसामयिक घटनाएँ (Current Affairs related to Optical Fiber)
ऑप्टिकल फाइबर केवल एक स्थिर (Static) विषय नहीं है; यह वर्तमान में भारत के डिजिटल बुनियादी ढांचे का सबसे ज्वलंत मुद्दा है। पिछले 12 महीनों के प्रमुख घटनाक्रम, जो आपकी आगामी परीक्षा के करंट अफेयर्स सेक्शन में टकरा सकते हैं:
- भारतनेट प्रोजेक्ट (BharatNet Phase 3 - 2025-26): भारत सरकार ग्रामीण क्षेत्रों को 5G-रेडी हाई-स्पीड इंटरनेट से जोड़ने के लिए 'भारतनेट फेज-3' के तहत तेजी से काम कर रही है। इसमें उन्नत 'रिंग टोपोलॉजी (Ring Topology)' आधारित ऑप्टिकल फाइबर बिछाई जा रही है। वर्तमान तक भारत में 42 लाख रूट किलोमीटर से अधिक OFC (Optical Fiber Cable) बिछाई जा चुकी है।
- कोच्चि-लक्षद्वीप सबमरीन केबल (KLI Project): हाल ही में कोच्चि (केरल) और लक्षद्वीप के 11 द्वीपों को जोड़ने वाली 1,870 किलोमीटर लंबी 'सबमरीन ऑप्टिकल फाइबर केबल' (Submarine Optical Fiber Cable) परियोजना सफलतापूर्वक पूरी की गई है, जिससे वहां हाई-स्पीड ब्रॉडबैंड सेवाएं शुरू हो गई हैं। यह भारत के सामरिक और डिजिटल विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।
- ऑटोमैटिक अप्रूवल नियम (Right of Way Rules 2024-25): ग्रामीण क्षेत्रों में ऑप्टिकल फाइबर बिछाने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए, भारत सरकार ने इसे एक "विशेष परियोजना (Special Project)" घोषित किया है और सार्वजनिक संपत्तियों पर फाइबर बिछाने के लिए 'ऑटोमैटिक अप्रूवल' की सुविधा दी है, जिससे नौकरशाही की देरी को खत्म किया जा सके।
आपके लिए आज का सवाल (Today's question for you)
अपनी तैयारी का स्तर और बेहतर करने के लिए इस प्रश्न का उत्तर नीचे कमेंट बॉक्स (Comment Box) में दें।
प्रश्न (Question): प्रकाशिक तंतु (Optical Fiber) संचार में, 'पूर्ण आंतरिक परावर्तन' (Total Internal Reflection) की घटना के घटित होने के लिए निम्नलिखित में से कौन सी शर्त अनिवार्य रूप से पूरी होनी चाहिए? (In optical fiber communication, which of the following conditions must necessarily be met for the phenomenon of 'Total Internal Reflection' to occur?)
- प्रकाश को विरल माध्यम से सघन माध्यम में जाना चाहिए। (Light must travel from a rarer medium to a denser medium.)
- आपतन कोण का मान क्रांतिक कोण से कम होना चाहिए। (The angle of incidence must be less than the critical angle.)
- क्रोड (Core) का अपवर्तनांक क्लैडिंग (Cladding) के अपवर्तनांक से अधिक होना चाहिए। (The refractive index of the core must be greater than that of the cladding.)
- क्रोड और क्लैडिंग दोनों का अपवर्तनांक बिल्कुल समान होना चाहिए। (The refractive index of both the core and cladding must be exactly the same.)
- उपर्युक्त में से कोई नहीं (None of the above)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
फाइबर ऑप्टिक केबल में अटेन्यूएशन (सिग्नल का कमजोर होना) के मुख्य कारण क्या हैं?
फाइबर ऑप्टिक केबल में सिग्नल के कमजोर होने (अटेन्यूएशन) के मुख्य कारण स्कैटरिंग (बिखराव), एब्जॉर्प्शन (अवशोषण), और केबल के मुड़ने से होने वाला बेंडिंग लॉस हैं। इनमें रेले स्कैटरिंग सबसे प्रमुख है, जो कांच की अशुद्धियों के कारण प्रकाश को बिखेर देता है।
नेटवर्किंग में डार्क फाइबर का क्या अर्थ है?
डार्क फाइबर उन बिछाई गई ऑप्टिकल फाइबर केबलों को कहा जाता है जिनका वर्तमान में कोई उपयोग नहीं हो रहा है और जिनमें कोई प्रकाश सिग्नल नहीं गुजर रहा है। इन्हें भविष्य के नेटवर्क विस्तार के लिए अतिरिक्त क्षमता के रूप में जमीन या समुद्र के नीचे बिछा कर छोड़ दिया जाता है।
क्या ऑप्टिकल फाइबर को टैप या हैक करना संभव है?
तांबे के तारों की तुलना में ऑप्टिकल फाइबर को टैप करना बेहद मुश्किल है। चूँकि यह प्रकाश का उपयोग करता है, इसमें कोई इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड नहीं बनता जिसे बाहर से पकड़ा जा सके। इसे टैप करने के लिए केबल को भौतिक रूप से काटना पड़ता है, जिससे नेटवर्क सिग्नल तुरंत गिर जाता है और हैकिंग का पता चल जाता है।
