MAC Address Explained in Hindi - Exam Notes for Govt Exams

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अगर आप UPSSSC, SSC, NTPC, SI, ASI, Constable या किसी भी अन्य सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, तो कंप्यूटर से जुड़े सवाल अक्सर सामान्य अध्ययन (General Study) का हिस्सा होते हैं। इसके अलावा, कई परीक्षाओं (जैसे- UPSSSC JA, AGTA, VPO, JE, Mandi Parishad, Cane Supervisor, Computer Operator) में कंप्यूटर एक अलग विषय के रूप में शामिल होता है, जहाँ से अच्छे स्तर के प्रश्न पूछे जाते हैं।

परीक्षा में बेहतर स्कोर करने के लिए गहन अध्ययन और सही समझ बहुत ज़रूरी है। इसीलिए, आज हम कंप्यूटर नेटवर्किंग (Computer Networking) के एक बेहद महत्वपूर्ण टॉपिक MAC एड्रेस (Media Access Control Address) के बारे में विस्तार से जानेंगे।

यह टॉपिक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में हुए कई एग्ज़ाम्स जैसे NTPC, RO-ARO, और UPSSSC में इससे लगातार सवाल पूछे गए हैं। इस आर्टिकल में, हम MAC एड्रेस क्या होता है, इसकी संरचना, प्रकार और IP एड्रेस से इसका क्या अंतर है, इन सभी पहलुओं को सरल भाषा और उदाहरणों के साथ समझेंगे। हमारा लक्ष्य है कि आप इस टॉपिक से जुड़े हर सवाल का जवाब परीक्षा में आसानी से दे पाएं। तो चलिए, अपनी तैयारी को मजबूत करते हैं!

MAC एड्रेस क्या है? (What is MAC Address?)

MAC एड्रेस का पूरा नाम Media Access Control Address है। इसे आमतौर पर फिजिकल एड्रेस (Physical Address) या हार्डवेयर एड्रेस (Hardware Address) या फिजिकल फिंगरप्रिंट (Physical Fingerprint) भी कहा जाता है। यह किसी भी नेटवर्क डिवाइस, जैसे कि आपके कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन, या प्रिंटर, की एक अद्वितीय (unique) पहचान होती है।

आप इसे ऐसे समझ सकते हैं जैसे किसी व्यक्ति का घर का पता होता है, जो स्थायी होता है। उसी तरह, MAC एड्रेस किसी डिवाइस के नेटवर्क इंटरफ़ेस कार्ड (NIC - Network Interface Card) में निर्माता (manufacturer) द्वारा स्थायी रूप से "बर्न-इन" (Burn-in) कर दिया जाता है। इसका मतलब है कि यह एड्रेस डिवाइस के साथ ही आता है और सामान्यतः इसे बदला नहीं जा सकता (generally it cannot be changed)। यह एड्रेस सुनिश्चित करता है कि लोकल नेटवर्क (LAN) में डेटा सही डिवाइस तक ही पहुँचे।

MAC एड्रेस की मुख्य बातें:

  • यह एक 48-बिट (48 bit) का एड्रेस होता है।
  • इसे हेक्साडेसिमल (Hexadecimal) फॉर्मेट में लिखा जाता है।
  • यह OSI मॉडल (OSI Model) की दूसरी लेयर, यानी Data Link Layer पर काम करता है।
  • हर नेटवर्क डिवाइस का MAC एड्रेस विश्व स्तर पर (globally) अद्वितीय (unique) होता है।
  • MAC एड्रेस को IEEE (Institute of Electrical and Electronics Engineers) अलॉट करता है।

MAC एड्रेस का उपयोग लोकल नेटवर्क में डेटा को सही डिवाइस तक पहुँचाने के लिए किया जाता है। जब भी कोई डिवाइस नेटवर्क पर डेटा भेजता है, तो वह अपने MAC एड्रेस का उपयोग करके यह सुनिश्चित करता है कि डेटा सही गंतव्य तक पहुँचे।

MAC एड्रेस की संरचना (Structure of MAC Address)

MAC एड्रेस 12 हेक्साडेसिमल अंकों से बना होता है, जिन्हें अक्सर कोलन (:) या हाइफ़न (-) से अलग किया जाता है।

उदाहरण के लिए: AA:BB:CC:11:22:33

इस 48-बिट एड्रेस को दो मुख्य भागों में बांटा जाता है:

  1. पहले 24 बिट (First 24 Bits): इसे संगठनात्मक रूप से अद्वितीय पहचानकर्ता (OUI - Organizationally Unique Identifier) कहा जाता है। यह हिस्सा उस कंपनी को दर्शाता है जिसने नेटवर्क इंटरफ़ेस कार्ड (NIC) बनाया है। IEEE (Institute of Electrical and Electronics Engineers) हर निर्माता को एक अद्वितीय OUI प्रदान करता है।
  2. अंतिम 24 बिट (Last 24 Bits): यह हिस्सा निर्माता (Manufacturer) द्वारा उस विशिष्ट डिवाइस (Specific devices) को दिया जाता है। यह सुनिश्चित करता है कि उस निर्माता के द्वारा बनाए गए सभी डिवाइस का MAC एड्रेस अद्वितीय (unique) हो।

उदाहरण: 00:1A:2B:3C:4D:5E

  • 00:1A:2B → यह OUI है, जो निर्माता की पहचान करता है (जैसे कि Apple, Dell, Cisco)।
  • 3C:4D:5E → यह निर्माता द्वारा दिया गया एक यूनिक सीरियल नंबर है।

MAC एड्रेस के प्रकार (Types of MAC Address)

MAC एड्रेस का इस्तेमाल किस तरह के संचार (communication) में हो रहा है, इसके आधार पर इसे तीन प्रकारों में बांटा जा सकता है।

  1. यूनिकास्ट (Unicast): यह सबसे सामान्य प्रकार है। इसमें डेटा एक स्रोत (source) से एक विशिष्ट गंतव्य (destination) डिवाइस को भेजा जाता है। इसे एक-से-एक संचार (one-to-one communication) कहते हैं।
  2. मल्टीकास्ट (Multicast): इसमें डेटा को नेटवर्क पर मौजूद कुछ विशिष्ट डिवाइसेस के समूह (group) को भेजा जाता है। यह एक-से-कई (one-to-many) संचार होता है, लेकिन केवल वही डिवाइस डेटा प्राप्त करते हैं जो उस समूह का हिस्सा हैं।
  3. ब्रॉडकास्ट (Broadcast): इस प्रकार में, डेटा को नेटवर्क पर मौजूद सभी डिवाइसेस को भेजा जाता है। इसका MAC एड्रेस हमेशा FF:FF:FF:FF:FF:FF होता है। यह एक-से-सभी (one-to-all) संचार होता है।

MAC एड्रेस और IP एड्रेस में अंतर (Difference B/w MAC Address and IP Address)

परीक्षाओं में अक्सर MAC और IP एड्रेस के बीच अंतर पूछा जाता है। यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण बिंदु है, जिसे नीचे दी गई तालिका (table) से आप आसानी से समझ सकते हैं।

विशेषता (Feature) MAC एड्रेस IP एड्रेस
पूरा नाम (Full Name) Media Access Control Address Internet Protocol Address
प्रकार (Type) हार्डवेयर एड्रेस (Physical Address) लॉजिकल एड्रेस (Logical Address)
OSI मॉडल लेयर (OSI Model Layers) Data Link Layer (Layer 2) Network Layer (Layer 3)
परिवर्तन (Change) यह स्थायी होता है, बदलता नहीं है। यह अस्थायी होता है, नेटवर्क बदलने पर बदल सकता है।
उपयोग (Use) लोकल नेटवर्क (LAN) में डेटा को सही डिवाइस तक पहुंचाता है। इंटरनेट पर डेटा को नेटवर्क-से-नेटवर्क (routing) पहुंचाता है।
प्रदाता (Provider) डिवाइस का निर्माता (Manufacturer) ISP (Internet Service Provider) या नेटवर्क एडमिनिस्ट्रेटर (Network Administrator)

परीक्षाओं के लिए महत्वपूर्ण तथ्य (Important Facts for Exams)

इस सेक्शन में, हम MAC एड्रेस से जुड़े कुछ ऐसे खास तथ्यों पर चर्चा करेंगे, जो अक्सर प्रतियोगी परीक्षाओं में सीधे पूछे जाते हैं। इन्हें ध्यान से पढ़ें और याद रखें।

  • MAC एड्रेस की लम्बाई (Length)48-बिट (48 bit) या 6 बाइट्स (6 Bytes) होती है।
  • MAC एड्रेस हेक्साडेसिमल पद्धति (Hexadecimal Format) में लिखा जाता है।
  • MAC एड्रेस में पहले 3 बाइट्स (first 3 Bytes) मैन्युफैक्चरर (Manufacturer) के बारे में बताते हैं।
  • MAC एड्रेस को बर्न्ड-इन एड्रेस (BIA - Burnt-In Address) भी कहते हैं क्योंकि यह डिवाइस के नेटवर्क इंटरफेस (NIC) में परमानेंटली स्टोर रहता है।
  • IP एड्रेस को MAC एड्रेस में बदलने का काम ARP (Address Resolution Protocol) करता है। उदाहरण के तौर पर जब कोई कंप्यूटर LAN (Local Area Network) के भीतर दूसरे डिवाइस से कनेक्ट करता है।
  • ARP का उल्टा RARP (Reverse Address Resolution Protocol) होता है जो MAC एड्रेस को IP एड्रेस में बदलने का काम करता है। यह MAC एड्रेस से आईपी एड्रेस खोजने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। उदाहरण: डिस्कलेस कंप्यूटर (Diskless Workstation) अपना आईपी (IP) पता लगाने के लिए।

संदिग्ध प्रश्न (Doubtful Questions)

1. क्या MAC एड्रेस को बदला जा सकता है?

उत्तर: नहीं (No)। सामान्यतः यह स्थायी (Permanent) होता है, हालांकि इसे कुछ सॉफ्टवेयर तरीकों से "स्पूफ" (spoof) किया जा सकता है, लेकिन यह अस्थायी (temporary) होता है।

2. क्या दो डिवाइस का MAC एड्रेस समान हो सकता है?

उत्तर: नहीं (No)। अगर ऐसा होता है, तो नेटवर्क में कन्फ्लिक्ट (Conflict) आ जाता है। प्रत्येक डिवाइस का MAC एड्रेस विश्व स्तर पर अद्वितीय (unique) होता है।

3. क्या MAC एड्रेस राउटेबल (routable) होता है?

उत्तर: नहीं (No)। MAC एड्रेस केवल लोकल नेटवर्क में ही काम करता है। डेटा को एक नेटवर्क से दूसरे नेटवर्क तक ले जाने के लिए IP एड्रेस की जरूरत होती है। यह केवल लोकल नेटवर्क (LAN) तक ही सीमित होता है – MAC एड्रेस राउटर से आगे इंटरनेट पर नहीं जाता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

1. MAC एड्रेस का क्या काम है?

MAC एड्रेस का मुख्य काम लोकल एरिया नेटवर्क (LAN) में डेटा को सही फिजिकल डिवाइस तक पहुंचाना है। जब कोई स्विच (Switch) या हब (Hub) किसी डिवाइस को डेटा भेजता है, तो वह MAC एड्रेस का उपयोग करके उसे पहचानता है।

2. MAC एड्रेस और IP एड्रेस में क्या प्रमुख अंतर है?

MAC एड्रेस एक हार्डवेयर (फिजिकल) एड्रेस है जो स्थायी होता है और डेटा लिंक लेयर पर काम करता है, जबकि IP एड्रेस एक लॉजिकल एड्रेस है जो अस्थायी होता है (नेटवर्क बदलने पर बदल सकता है) और नेटवर्क लेयर पर काम करता है।

3. क्या मैं अपने डिवाइस का MAC एड्रेस बदल सकता हूँ?

तकनीकी रूप से, MAC एड्रेस को NIC (Network Interface Card) पर "बर्न-इन" किया जाता है और यह स्थायी होता है। हालाँकि, कुछ सॉफ्टवेयर का उपयोग करके इसे अस्थायी रूप से "स्पूफ" (spoof) किया जा सकता है, लेकिन यह असली एड्रेस नहीं होता।

4. MAC एड्रेस किस OSI लेयर पर काम करता है?

MAC एड्रेस OSI मॉडल की दूसरी लेयर (Layer 2), जिसे Data Link Layer कहा जाता है, पर काम करता है।

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