Bootstrap Loader क्या है? Booting Process और प्रकार | UPSSSC asked

Diagram showing Bootstrap Loader functioning in ROM and Computer Booting Process for SSC and UPSC exams.

नमस्कार दोस्तों! Rojgarbytes पर आपका स्वागत है।

क्या आपने कभी सोचा है कि जब आप कंप्यूटर का Power Button दबाते हैं, तो वह काली स्क्रीन से Windows या Linux की रंगीन स्क्रीन तक कैसे पहुँचता है? बीच के उन कुछ सेकंड्स में कंप्यूटर के अंदर क्या होता है?

वह जादू जो एक सोई हुई (Dead) मशीन को जगाकर काम करने लायक बनाता है, उसे तकनीकी भाषा में बूटस्ट्रैप लोडर (Bootstrap Loader) कहते हैं।

आज का यह आर्टिकल विशेष रूप से उन जिज्ञासु छात्रों और एस्पिरेंट्स (UPSC, SSC, B-Tech, Banking) के लिए है जो कंप्यूटर की इस First Breath (पहली सांस) की प्रक्रिया को गहराई से समझना चाहते हैं। हाल ही में UPSSSC ANM (11 जनवरी 2026) में इससे जुड़ा प्रश्न पूछा गया था, जिससे इसकी महत्ता सिद्ध होती है।


बूटस्ट्रैप लोडर क्या है? (What is Bootstrap Loader?)

सरल शब्दों में, बूटस्ट्रैप लोडर एक छोटा सा विशेष प्रोग्राम है जो कंप्यूटर के चालू (Start) होने पर सबसे पहले रन करता है। इसका एकमात्र उद्देश्य कंप्यूटर के ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) को ढूंढना और उसे मुख्य मेमोरी (RAM) में लोड करना है।

नाम का रहस्य (Etymology)

इसका नाम एक पुरानी अंग्रेजी कहावत Pulling oneself up by one's bootstraps से लिया गया है। इसका अर्थ है—बिना किसी बाहरी मदद के खुद को ऊपर उठाना।

  • चूँकि कंप्यूटर शुरू होते समय खुद को ही Start करता है, इसलिए इस प्रक्रिया को बूटिंग (Booting) और प्रोग्राम को बूटस्ट्रैप (Bootstrap) कहा जाता है।
Illustration showing Bootstrap Loader code pulling Operating System from ROM chip for computer booting process.

यह कहाँ स्थित होता है? (Location & Storage)

(Most Important for Exams)

यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता है: बूटस्ट्रैप प्रोग्राम किस मेमोरी में स्टोर होता है?

  • उत्तर: ROM (Read Only Memory) या EPROM में।
  • कारण (Reason): जब आप कंप्यूटर बंद करते हैं, तो RAM (Random Access Memory) का सारा डेटा मिट जाता है (Volatile)। यदि बूटस्ट्रैप RAM में होता, तो कंप्यूटर बंद करते ही वह डिलीट हो जाता और आप कंप्यूटर दोबारा कभी चालू नहीं कर पाते।
  • इसलिए, इसे Non-Volatile Memory (ROM) में सुरक्षित रखा जाता है, जो बिजली जाने पर भी डेटा याद रखती है।
Technical diagram comparing Non-Volatile ROM vs Volatile RAM to explain where Bootstrap program is stored.

बूटिंग प्रक्रिया कैसे काम करती है? (How Booting Process Works)

(Technical Depth for UPSSSC & Higher Exams)

जब आप पावर बटन दबाते हैं, तो कंप्यूटर इन 5 चरणों (Steps) से गुजरता है:

  1. Power On: पावर सप्लाई (SMPS) मदरबोर्ड को बिजली भेजती है।
  2. BIOS Activation: ROM में बैठा BIOS (Basic Input/Output System) जागता है।
  3. POST (Power On Self Test): BIOS यह चेक करता है कि हार्डवेयर (RAM, Keyboard, Disk) ठीक हैं या नहीं।
  4. Bootstrap Loader Execution:
    • POST पास होने के बाद, BIOS कण्ट्रोल को बूटस्ट्रैप लोडर को सौंप देता है।
    • बूटस्ट्रैप प्रोग्राम हार्ड डिस्क के सबसे पहले सेक्टर (Sector 0) को पढ़ता है, जिसे MBR (Master Boot Record) कहते हैं।
  5. OS Loading: बूटस्ट्रैप लोडर ऑपरेटिंग सिस्टम (Kernel) को हार्ड डिस्क से उठाकर RAM में कॉपी कर देता है और कंप्यूटर का नियंत्रण OS को सौंप देता है।
Flowchart showing 5 steps of booting: Power On, BIOS Activation, POST, Bootstrap Loader, and OS Loading.

बूटिंग के प्रकार (Types of Booting)

परीक्षाओं में अक्सर Cold Boot और Warm Boot के बीच अंतर पूछा जाता है।

प्रकार (Type) विवरण (Description) शॉर्टकट/विधि
कोल्ड बूटिंग (Cold Booting) जब कंप्यूटर को पूरी तरह बंद (Shutdown) अवस्था से चालू किया जाता है। इसे 'Hard Boot' भी कहते हैं। Power Button दबाना।
वार्म बूटिंग (Warm Booting) जब कंप्यूटर पहले से चल रहा हो और उसे Restart किया जाए। इसमें POST प्रक्रिया पूरी तरह नहीं होती। Ctrl + Alt + Del या Restart बटन।

Infographic showing difference between Cold Boot (Hard Start) and Warm Boot (Restart) with keyboard shortcuts.

तकनीकी गहराई: MBR और Boot Sector (For Tech Geeks)

यदि आप UPSSSC या उच्च स्तरीय तकनीकी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो आपको MBR के बारे में पता होना चाहिए।

  • MBR (Master Boot Record): यह स्टोरेज डिवाइस (हार्ड डिस्क) का सबसे पहला सेक्टर होता है। इसका आकार केवल 512 Bytes होता है।
  • बूटस्ट्रैप लोडर इसी MBR को स्कैन करता है ताकि उसे पता चले कि ऑपरेटिंग सिस्टम हार्ड डिस्क के किस Partition में रखा गया है।
  • आधुनिक कंप्यूटरों में MBR की जगह UEFI और GPT (GUID Partition Table) ने ले ली है, जो बूटिंग को और तेज बनाते हैं।
Technical schematic of Hard Disk Sector 0 showing MBR, Bootstrap Code Area, Partition Table, and Signature 55AA.

6. Rojgarbytes Exam Booster (महत्वपूर्ण प्रश्न)

(The Examiner's Corner)

यहाँ वे प्रश्न हैं जो SSC, UPSSSC, Banking और Railways में बार-बार पूछे गए हैं:

Q1. बूटस्ट्रैप प्रोग्राम किस प्रकार की मेमोरी में स्टोर होता है? (UPSSSC ANM - 11 Jan 2026)

  1. Virtual Memory
  2. RAM
  3. ROM/EPROM (सही उत्तर)
  4. Cache

व्याख्या: क्योंकि इसे स्थायी (Permanent) होना जरुरी है।

Q2. कंप्यूटर को 'Restart' करने की प्रक्रिया क्या कहलाती है? (SSC CGL)

  • उत्तर: Warm Booting

Q3. कंप्यूटर स्टार्ट होने पर जो पहली जाँच (Test) होती है, उसे क्या कहते हैं? (IBPS PO)

  • उत्तर: POST (Power On Self Test)

Q4. MBR का पूर्ण रूप (Full Form) क्या है?

  • उत्तर: Master Boot Record

याद रखें (Remember)

  • बूटिंग प्रक्रिया को शुरू करने वाला प्रोग्राम Bootstrap Loader कहलाता है। चूंकि कंप्यूटर बंद होने पर RAM खाली हो जाती है, इसलिए बूटस्ट्रैप प्रोग्राम हमेशा ROM (Read Only Memory) में स्टोर रहता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

दोस्तों, बूटस्ट्रैप लोडर वह चाबी है जो हार्डवेयर के ताले को खोलकर सॉफ्टवेयर की दुनिया में प्रवेश कराती है। चाहे आप एक सामान्य यूजर हों या एक भविष्य के System Engineer, यह समझना जरुरी है कि आपकी स्क्रीन पर Welcome आने से पहले बैकग्राउंड में कितनी जटिल प्रक्रिया (Process) होती है।

मुझे उम्मीद है कि Rojgarbytes का यह डीप-डाइव आर्टिकल आपके ज्ञान को एक नए स्तर पर ले गया होगा।

आपका अगला कदम (Next Step):

  • क्या आप BIOS और UEFI में अंतर जानना चाहते हैं? या फिर ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) कैसे काम करता है? नीचे कमेंट करके बताएं!

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